उत्तराखंड की राजनीति में ‘डेनिस’ शराब ब्रांड को लेकर चल रहा संघर्ष अब तक नहीं थमा है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने इस ब्रांड को लेकर कई आरोप लगाए, जिनके जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने सार्वजनिक रूप से चुनौती भरा बयान दिया। रावत ने बताया कि उनका खुद का मानना है कि ‘डेनिस’ एक घोटाला है, पर भाजपा और सुबोध उनियाल इसे अपने सिर पर लादना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “यदि सरकार को हिम्मत है तो एक स्पेशल टास्क फोर्स (STF) गठित करके इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए, मैं स्वयं उस टीम के सामने पेश होने को तैयार हूँ।”
रावत ने सत्ता पक्ष की मंशा पर सवाल उठाते हुए स्पष्ट किया कि “दून वैली डिस्टिलर्स” और “हाईलैंड एंड बॉटलर्स” को अभी भी सरकार का पूरा संरक्षण मिला हुआ है और ये ब्रांड आर्मी कैंटीनों में भी धड़ल्ले से बिक रहे हैं। उन्होंने कहा, “यदि मेरे कार्यकाल में ‘डेनिस’ को गलत माना गया था, तो आज भाजपा के शासन में वही ब्रांड सही कैसे हो गया? क्या यह सिर्फ इसलिए कि अब सत्ता में भाजपा है?” इस प्रश्न के साथ उन्होंने यह भी उजागर किया कि उनके समय में शराब बिक्री की जिम्मेदारी गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) और कुमाऊँ मंडल विकास निगम (KMVN) को दी गई थी, ताकि इन संस्थाओं को घाटे से बाहर निकाला जा सके।
रावत ने स्वीकार किया कि उस दौर में “विश्वास आधारित” एक चूक हुई थी, पर इरादा साफ था। उन्होंने बताया कि उनका आदेश था कि जो डिस्टिलर्स स्थानीय फल‑सब्जियों का उपयोग करके शराब बनाएँ, उन्हें 20 % का रिज़र्व मार्केटिंग राइट दिया जाएगा। परन्तु कुछ लोगों और GMVN की मिलीभगत से इस अधिकार को 70‑80 % तक बढ़ा दिया गया, और अन्य ब्रांडों को कुछ महीनों के लिए ब्लॉक कर दिया गया। जैसे ही यह तथ्य उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत प्रक्रिया को बदल दिया।
हास्य के साथ रावत ने कहा कि उस समय उन्हें ‘डेनिस’ नाम तक ठीक‑ठीक नहीं पता था, अक्सर वे इसे कपड़े के ब्रांड ‘डेनिम’ की तरह उच्चारित कर देते थे। अब भाजपा के नेताओं ने इस नाम को बार‑बार दोहराया है, जिससे वह “मेरा डेनिस, तेरा डेनिस” का खेल बंद करने की अपील कर रहे हैं।
अंत में रावत ने वर्तमान में शराब बाजार में ‘हिलटॉप’, ‘काफ़ल’, ‘माल्टा’ और ‘संतरा’ जैसे कई अन्य ब्रांडों की बहार का उल्लेख किया, यह संकेत देते हुए कि अब सरकार कई “विभूतियों” को पोषित करने में लगी हुई है। उनका अंतिम संदेश स्पष्ट है: “STF बनाइए, मैं खुद सामने आकर पूरी सच्चाई बताऊँगा।”
