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धामी सरकार की विदेश रोजगार पहल: उत्तराखंड के युवाओं को नई दिशा, प्रशिक्षण केंद्रों का विस्तार

उत्तराखंड में विदेश में नौकरी के अवसरों को साकार करने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की “कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना” तेज गति से आगे बढ़ रही है। अब तक इस योजना के तहत 106 युवाओं को विभिन्न देशों में रोजगार मिला है—जापान में 75, सऊदी अरब में 30 और जर्मनी में एक युवा को नौकरी मिली है। इन नौकरियों में स्वास्थ्य सेवा, हॉस्पिटैलिटी, तकनीकी और अन्य क्षेत्रों का समावेश है, जिससे प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार कौशल विकसित करने का मंच मिला है।

विदेशी रोजगार के लिए तैयारियों को सुदृढ़ करने हेतु सरकार ने जर्मन और जापानी भाषा के प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी है। इस उद्देश्य से कुल 158 प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की गई है। देहरादून में 75 जर्मन और 45 जापानी भाषा के केंद्र संचालित होते हैं, जबकि अल्मोड़ा में 22 जर्मन और बागेश्वर में 16 जापानी केंद्र कार्यरत हैं। वर्तमान में देहरादून में जर्मन के चार और जापानी के दो बैच चल रहे हैं, अल्मोड़ा में जर्मन और बागेश्वर में जापानी के एक-एक बैच सक्रिय हैं। निकट भविष्य में उत्तरकाशी और टिहरी में भी ऐसे प्रशिक्षण केंद्रों की शुरुआत की तैयारी है, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को भी समान अवसर मिलेंगे।

विदेशी रोजगार प्रकोष्ठ, कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अधीन कार्यरत, निरंतर नई संभावनाओं की खोज में लगा है। मुख्यमंत्री धामी ने हाल ही में जमैका, इथियोपिया और जाम्बिया में भारतीय कूटनीतिक प्रतिनिधियों—जैसे भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी, राजदूत देवेश उत्तम और उच्चायुक्त आलोक रंजन झा—से मुलाकात की, जहाँ कुशल कामगारों की मांग और रोजगार संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इन देशों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भाषा और तकनीकी प्रशिक्षण को और अधिक अनुकूल बनाने की योजना सरकार ने तैयार की है।

धामी सरकार का मानना है कि “वैश्विक रोजगार योजना” के माध्यम से उत्तराखंड के युवा विश्व मंच पर अपनी जगह बना सकते हैं। भाषा प्रशिक्षण केंद्रों के विस्तार, विदेशी रोजगार प्रकोष्ठ की सक्रिय खोज और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक संपर्कों को मजबूत करके राज्य ने युवा शक्ति को सशक्त करने की ठोस राह चुनी है। इस रणनीति के तहत, प्रदेश के युवा न केवल विदेश में रोजगार पाएंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कार्यस्थलों में प्रतिस्पर्धी कौशल भी हासिल करेंगे।

Original Title: विदेश में नौकरी के लिए युवाओं को तैयार कर रही धामी सरकार, उत्तरकाशी और टिहरी में भी खुलेंगे केंद्र

Original Content: Uttarakhand Jobs : Foreign Employment | CM Dhami : उत्तराखंड के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार पाने के रास्ते खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत अब तक प्रदेश के 106 युवाओं को विदेश में नौकरी मिल चुकी है। इनमें जापान में 75, सऊदी अरब में 30 और जर्मनी में एक युवा को रोजगार मिला है। इन युवाओं को स्वास्थ्य सेवा, हॉस्पिटैलिटी समेत अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने का अवसर मिला है।
युवाओं को विदेश में नौकरी के लिए तैयार करने के उद्देश्य से प्रदेश में जर्मन और जापानी भाषा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग जिलों में कुल 158 प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। देहरादून में जर्मन भाषा के 75 और जापानी भाषा के 45 केंद्र हैं। अल्मोड़ा में जर्मन भाषा के 22, जबकि बागेश्वर में जापानी भाषा के 16 केंद्र चल रहे हैं। आने वाले समय में उत्तरकाशी और टिहरी में भी प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने की तैयारी है।
फिलहाल देहरादून में जर्मन भाषा के चार और जापानी भाषा के दो बैच चल रहे हैं। अल्मोड़ा में जर्मन भाषा और बागेश्वर में जापानी भाषा का एक-एक बैच संचालित हो रहा है।
कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत संचालित विदेशी रोजगार प्रकोष्ठ इस दिशा में काम कर रहा है। सरकार अब दूसरे देशों में भी उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं तलाश रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में जमैका में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी, इथियोपिया में भारत के राजदूत देवेश उत्तम और जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा से मुलाकात कर वहां रोजगार की संभावनाओं और कुशल कामगारों की मांग पर चर्चा की थी। सरकार इन देशों की जरूरतों को देखते हुए युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना बना रही है।
मुख्यमंत्री का कहना है कि वैश्विक रोजगार योजना के माध्यम से युवाओं को विदेश में नौकरी के अवसर मिल रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए भाषा प्रशिक्षण केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को दूसरे देशों में रोजगार की संभावनाओं के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।