जाली डिग्री से 16 साल तक नौकरी करते रहे गुरुजी अब रिटायर होने के फंसे कानूनी शिकंजे में – पढ़ें यह खबर

ख़बर शेयर करे :
Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates and guides.
Add as preferred source on Google

उत्तराखंड – (एम सलीम खान ब्यूरो) जाली डिग्री और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी पाने वाले एक गुरुजी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, गुरुजी पर आरोप है कि करीब 4 महीने पहले शिक्षा विभाग ने गुरुजी को बर्खास्त कर दिया था अब रुड़की से आरोपी शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है गुरुजी का इंटर का शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है, गोपेश्वर थाने में मुख्य शिक्षा अधिकारी धर्म सिंह रावत ने बीती 8 जनवरी 2025 को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि शिव कुमार ने जाली प्रमाण पत्रों के आधार पर शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली, शिव कुमार राजकीय प्राथमिक विद्यालय मेहलचौरी गैरसैंण के खंड विकास में बतौर सहायक अध्यापक नियुक्त था पुलिस ने तहरीर के आधार पर संगीन धाराओं में शिव कुमार सैनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया अपर पुलिस अधीक्षक सर्वेश पवार के निर्देश पर आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का गठन किया पुलिस ने आरोपी शिव कुमार सैनी के गंगनहर रुड़की क्षेत्र में रहने की सूचना मिली पुलिस ने बीती 5 फरवरी 2025 को आरोपी शिक्षक को उसके घर से गिरफ्तार कर लियाथाना प्रभारी गोपेश्वर कुलदीप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी के फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर मिली जानकारी अनुसार के नौकरी अर्जित सम्पत्ति की भी तफ्तीश की जा रही है ,16 साल की नौकरी रिटायर के बाद जेल गया शिव कुमार सैनी आयु 57 निवासी शिवपुरम पनियाला रोड़ कोतवाली गंगनहर रुड़की जनपद हरिद्वार ने साल 2008 में प्राथमिक शिक्षक के तौर पर नियुक्त ली थी,इतने सालों तक वह नौकरी करता रहा अब जब शिव कुमार सैनी की 58 साल पूरी हुई तो वो रिटायर के नजदीक थे उनके रिटायरमेंट में दो साल बाकी थे तब कहीं जाकर उसके शैक्षिक प्रमाण पत्रों का भौतिक सत्यापन हुआ और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया शिव कुमार सैनी 16 साल तक तक चमोली जिले में नौकरी करता रहा उसके शैक्षिक प्रमाण पत्र में सत्यापन में शिक्षा विभाग को 16 साल लग गए, सत्यापन के बाद बीते नंबर माह में उसे शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया विभागीय जांच में जो साक्ष्य समानें आएं उसमें आरोप लगाया कि इंटरमीडिएट का वर्ष 1989 का प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है, उसके बाद ग्रेजुएशन की और फिर बीएड करने के बाद शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल की शिव कुमार सैनी की आयु 58 साल हो चुकी है और उसके सेवानिवृत्त होने में दो साल बाकी थे इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी धर्म सिंह रावत का कहना है कि आरोपी के प्रमाण पत्रों के सत्यापन में 12वीं के प्रमाण पत्र फर्जी पाएं गये जिसके बाद ग्रेजुएशन सहित अन्य शैक्षणिक प्रमाण पत्र भी खुद ही फर्जी साबित हो गये है बीते साल नंबर में शिव कुमार सैनी को निलंबित कर दिया गया था और जनवरी 2025 उनके खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी ‌

Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates and guides.
Add as preferred source on Google
×