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लाखामंडल की शिल्प‑धरोहर को बुनियादी सुविधाओं से सशक्त बनाना: सीएम धामी से विशेष अपील

उत्तराखंड के देहरादून जिले के चकराता तहसील में स्थित प्राचीन शिव नगरी लाखामंडल, अपने पौराणिक मंदिर और ऐतिहासिक महत्व के कारण हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती है। इस धार्मिक‑पर्यटन स्थल के विकास की मांग को लेकर स्थानीय पुजारी समिति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक विस्तृत पत्र भेजा, जिसमें बुनियादी ढाँचे के सुधार के साथ-साथ संरक्षण और प्रचार‑प्रसार की आवश्यकताओं को रेखांकित किया गया है। समिति के कोषाध्यक्ष बाबूराम शर्मा ने कहा कि यदि बरनीगाड़ से लाखामंडल तक की संकरी सड़क का चौड़ीकरण, पर्याप्त पार्किंग, स्वच्छ शौचालय और निरंतर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, तो न केवल तीर्थयात्रियों का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि शीतकालीन पर्यटन को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

पत्र में विशेष रूप से बरनीगाड़‑लाखामंडल मार्ग के विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया गया, क्योंकि वर्तमान में संकरी सड़क के कारण वाहनों का प्रवाह बाधित रहता है और आपातकालीन सेवाओं की पहुँच में कठिनाइयाँ उत्पन्न होती हैं। इसके अलावा, मंदिर परिसर के निकट उचित पार्किंग स्थल और साफ‑सुथरे शौचालयों की कमी के कारण यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ती है, जिससे इस पवित्र स्थल की आकर्षकता पर असर पड़ता है। समिति ने यह भी अनुरोध किया कि जल स्रोतों की स्थायी व्यवस्था की जाए, जिससे पर्यटकों को निरंतर पीने का पानी उपलब्ध हो सके।

लाखामंडल के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए, समिति ने मंदिर परिसर तथा आसपास के प्राचीन अवशेषों के संरक्षण के लिए विशेष कदम उठाने की अपील की। साथ ही, इस पौराणिक नगरी की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाने हेतु व्यापक प्रचार‑प्रसार अभियान की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। यदि इन बुनियादी सुविधाओं में सुधार होता है, तो न केवल तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय व्यवसायियों, होटल संचालकों और छोटे व्यापारियों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। रोजगार के नए अवसर सृजित होते हुए, क्षेत्र की समग्र सामाजिक‑आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव की संभावना स्पष्ट है।

बाबूराम शर्मा ने कहा, “लाखामंडल को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के लिए केवल धार्मिक भावना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि बुनियादी ढाँचे का सुदृढ़ होना भी आवश्यक है। यदि सरकार इन मांगों को गंभीरता से लेती है, तो यह प्राचीन शिव नगरी एक समृद्ध धार्मिक‑पर्यटन केंद्र बनकर उभरेगी।” इस प्रकार, मुख्यमंत्री धामी से अपेक्षित है कि वे इस ऐतिहासिक स्थल को विकसित करने के लिए त्वरित और ठोस कदम उठाएँ, जिससे उत्तराखंड के सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊँचाइयाँ मिल सकें।

Original Title: उत्तराखंड के इस प्राचीन शिव मंदिर के लिए उठी मांग, सीएम धामी से लगाई गुहार

Original Content: Uttarakhand | Lakhamandal Temple | CM Pushkar Singh Dhami : उत्तराखंड की प्राचीन शिव नगरी लाखामंडल को धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग उठी है। मंदिर पुजारी समिति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की है। समिति का कहना है कि बेहतर सुविधाएं मिलने से इस ऐतिहासिक स्थल पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ सकती है और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।
देहरादून जिले की चकराता तहसील क्षेत्र में स्थित लाखामंडल अपनी धार्मिक मान्यताओं, प्राचीन शिव मंदिर और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। समिति का मानना है कि बुनियादी सुविधाओं में सुधार होने से यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन के साथ शीतकालीन पर्यटन के लिए भी अधिक आकर्षक बन सकता है।
लाखामंडल शिव मंदिर पुजारी समिति के कोषाध्यक्ष बाबूराम शर्मा ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कई मांगें उठाई हैं। उन्होंने लाखामंडल के नजदीकी बरनीगाड़ से सड़क चौड़ीकरण कराने की जरूरत बताई है…ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यहां पहुंचने में सुविधा हो सके।
इसके साथ ही मंदिर क्षेत्र के आसपास पर्याप्त पार्किंग, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था करने की मांग भी की गई है। समिति का कहना है कि इन सुविधाओं के अभाव में पर्यटकों और श्रद्धालुओं को परेशानी हो सकती है। बेहतर व्यवस्था होने से यहां आने वाले लोगों का अनुभव भी बेहतर होगा।
समिति ने लाखामंडल के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के महत्वपूर्ण स्थलों के संरक्षण की मांग की है। इसके साथ ही इस पौराणिक नगरी के महत्व का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की अपील भी की गई है।
समिति का मानना है कि लाखामंडल की धार्मिक पहचान और ऐतिहासिक विरासत के बारे में अधिक लोगों को जानकारी मिलेगी….तो यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है।
लाखामंडल में पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय दुकानदारों, होटल संचालकों और अन्य कारोबार से जुड़े लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
बाबूराम शर्मा ने कहा कि इस क्षेत्र में शीतकालीन पर्यटन के लिए भी पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में यदि सड़क, पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किया जाता है…तो लाखामंडल को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान मिल सकती है।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।