रणजी ट्रॉफी सीजन 2026-27 का प्रीमियर मैच उत्तराखंड और रेलवे के बीच खेला गया, जहां उत्तराखंड के तेज गेंदबाज देवेद्र बोरा ने अपनी बेखूब पारी से मैच का रंग बदल दिया। शनिवार के खेल के समापन तक, रेलवे की पहली पारी केवल 278 रनों पर ही ऑल आउट हो गई, जिससे उत्तराखंड ने दूसरे दिन की शुरुआत में बल्लेबाजी का भारी दबाव अपने कंधों पर उठाया। यह नतीजा उत्तराखंड के गेंदबाजी आक्रमण की मजबूती का प्रमाण है, जिसने रेलवे की बल्लेबाजी को जल्मी और बेजोड़ तरीके से उखाड़ पकाया।
रेलवे की शुरुआत उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी, क्योंकि टीम ने 23 रनों के भीतर ही अपने दो विकेट गवा दिए। हालांकि, मोहम्मद सैफ और विवेक सिंह के बीच की महत्वपूर्ण साझेदारी ने टीम को क्रिज पर संभालने में मदद की। विवेक सिंह ने इस दबाव को सकारात्मक रूप में बदलते हुए शानदार 112 रनों की पारी खेली, जो उनके पास मौजूद विकल्पों में सबसे बड़ी थी। उनके अलावा मोहम्मद सैफ ने 35, तौफीक ने 33, राज चौधरी ने 25 और कुणाल यादव ने 34 रन जोड़े, लेकिन इस प्रयास को रोके रखने के लिए उत्तराखंड के गेंदबाजों ने लगातार अंतराल में विकेट झटके।
उत्तराखंड के लिए देवेद्र बोरा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके, जबकि मयंक मिश्रा ने 3, जन्मेजय जोशी और अवनीश सुधा ने एक-एक विकेट हासिल किया। बागेश्वर के रहने वाले देवेद्र पिछले कुछ समय से जूनियर क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके बाद उन्हें सीनियर टीम में स्थान मिला है। उनका प्रोफाइल विजय हजारे ट्रॉफी में रोहित शर्मा को पवेलियन भेजने के बाद भी आगे बढ़ता रहा है। अब तक देवेद्र ने उत्तराखंड के लिए घरेलू क्रिकेट में 51 विकेट अपने नाम किए हैं, और इस प्रदर्शन ने उन्हें टीम की मुख्य भूमिका में एक बार फिर से स्थापित किया है।
मैच की दूसरी पारी में अब उत्तराखंड को बल्लेबाजी करनी होगी, जहां टीम को रेलवे की तेज गेंदबाजी को झेलना होगा। देवेद्र बोरा की यह 5 विकेट की पारी न केवल टीम के लिए महत्वपूर्ण जीत थी, बल्कि यह उनके व्यक्तिगत करियर में एक नया मील का पत्थर भी है। उत्तराखंड के प्रशंसकों के लिए यह दिन यादगार रहेगा, क्योंकि उनकी टीम ने सीजन की शुरुआत में ही अपने प्रतिद्वंद्वी को कड़ी टक्कर दी है। अब सबकी नज़रें दूसरे दिन की खेल पर टिकी रहेंगी, जहां उत्तराखंड को अपनी बल्लेबाजी से मैच को अपने पक्ष में झुकावना होगा।
