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बाजपुर में ओलावृष्टि से फसलों की हुई तबाही: सीएम धामी ने किया हवाइयाँ पार कर नुकसान का मूल्यांकन, किसानों को दी हरसंभव मदद की गारंटी

उत्तराखंड के बाजपुर क्षेत्र में शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे हुई अचानक और भयंकर ओलावृष्टि ने स्थानीय किसानों की मेहनत को राख का ढेर दे दिया। इस प्राकृतिक आपदा ने अल्प समय में ही कई खेतों में उगाई गई फसलों को नुकसान पहुंचाया, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। इसी दौरान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी से देहरादून लौट रहे थे। जैसे ही उन्हें इस विनाशकारी मौसम और फसलों को हुए नुकसान की सूचना मिली, उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी यात्रा में बदलाव किया। खराब मौसम के बावजूद, मुख्यमंत्री ने अपने हेलीकॉप्टर के पायलट को निर्देश दिया कि वे फौरन वाहन को बाजपुर की ओर मोड़ें, ताकि प्रभावित क्षेत्रों का त्वरित नजरिया प्राप्त किया जा सके।

मुख्यमंत्री धामी ने अपनी सहजता और प्रजातंत्र के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाते हुए, सबसे पहले हेलीकॉप्टर से ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत हवाई सर्वेक्षण किया। इस हवाई दृष्टिकोण ने उन्हें नुकसान के विस्तार और गंभीरता का सटीक आंकलन करने में मदद की। इसके तुरंत बाद, उन्हें ग्राउंड पर उतरना था ताकि वे स्थिति को वास्तविकता में देख सकें। बाजपुर में लैंडिंग के बाद, मुख्यमंत्री सीधे प्रभावित खेतों की ओर बढ़े और वहां उपस्थित किसानों से निजी रूप से मुलाकात की। इस दौरान, उन्होंने किसानों की आंखों में आंसू और चेहरों पर चिंता को देखा, उनसे सीधे संवाद कर उनकी व्यथा, समस्याओं और आर्थिक कठिनाइयों को समझा। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार उनके साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है।

मौके पर उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए कि ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का विस्तृत सर्वेक्षण और नुकसान का सटीक आंकलन प्राथमिकता के आधार पर शीघ्रतम समय में पूरा किया जाए। उन्होंने साफ किया कि नियमों के तहत राहत पैकेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में कोई देरी नहीं बर्दाश्त की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी तय किया कि किसानों की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा या अनावश्यक देरी नहीं होगी। नुकसान के आकलन से लेकर राहत संबंधी कार्रवाई तक, पूरी प्रक्रिया तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदा के ऐसे समय में, राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता मानती है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि सरकार किसानों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री के इस त्वरित प्रतिक्रिया ने न केवल प्रभावित किसानों को आत्मविश्वास जताया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि राज्य प्रशासन मौसमी आपदाओं के प्रति कितना सजग और प्रतिक्रियाशील है। बाजपुर में हुई यह घटना उत्तराखंड के किसानों के लिए एक कठिन चुनौती थी, लेकिन मुख्यमंत्री के निजी हस्तक्षेप और त्वरित निर्देशों ने स्थिति को शांत करने और भविष्य की राहत के मार्ग प्रशस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।