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उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी पर कांग्रेस का सवाल, नार्को टेस्ट से पहले क्यों हुई कार्रवाई?

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उर्मिला सनावर, जो कि अंकिता भंडारी हत्या‑मामले से जुड़ी कथित वीआईपी प्रकरण के प्रमुख शख्सियत हैं, की हालिया गिरफ्तारी ने उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मचा दी है। यह घटना तब हुई जब सनावर को नार्को टेस्ट और पॉलीग्राफ़ परीक्षण के लिए तैयार माना जा रहा था, परंतु पुलिस ने उनसे पहले ही कार्रवाई कर ली। इस कदम पर कांग्रेस ने सवाल उठाया और इसे जांच के प्रभाव को बिगाड़ने वाला कदम बताया।

कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने इस कार्रवाई के समय पर प्रश्न उठाते हुए पूछा, “जब उर्मिला नार्को टेस्ट के लिए तैयार थीं, तो उनसे ठीक पहले उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई?” उन्होंने आरोप लगाया कि इस कदम से कथित वीआईपी प्रकरण की जांच पर असर पड़ सकता है। हालांकि, कांग्रेस के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

सनावर के खिलाफ देहरादून नगर कोतवाली में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें उन्हें भाजपा नेताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में मानहानि समेत कई धाराओं के तहत कार्रवाई का उल्लेख है।

इससे पहले, उर्मिला सनावर को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था, जब पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की बेटी की शिकायत दर्ज की गई थी। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की खबर सामने आई।

सीबीआई ने अंकिता भंडारी हत्या‑मामले से जुड़े वायरल ऑडियो क्लिप की जांच के दौरान सनावर को नोटिस जारी किया था। एजेंसी ने उनसे देहरादून की संबंधित अदालत में पेश होकर पॉलीग्राफ़ और नार्को टेस्ट के लिए अपनी सहमति स्पष्ट करने को कहा था। सनावर ने पहले दावा किया था कि वह जांच एजेंसी के सवालों के जवाब देने और नार्को टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं, परंतु वर्तमान में उनकी अदालत में पेशी और अंतिम सहमति को लेकर स्थिति अहम मानी जा रही है।

अंकिता भंडारी हत्या‑मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। हाल ही में अंकिता के माता‑पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर मामले की जांच और न्याय की मांग उठाई है। इस प्रकरण में कुछ नेताओं के नाम भी सार्वजनिक चर्चाओं में आए हैं, परंतु किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों और प्रमाणित तथ्यों के बीच अंतर करना आवश्यक है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

**Original Title: ** उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी पर कांग्रेस का सवाल, नार्को टेस्ट से पहले क्यों हुई कार्रवाई?

**Original Content: ** Urmila Sanawar | Ankita Bhandari Case | Uttarakhand News : अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी प्रकरण में उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। नार्को टेस्ट की प्रक्रिया के बीच हुई कार्रवाई पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। वहीं भाजपा नेताओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में उर्मिला के खिलाफ देहरादून में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने इस कार्रवाई के समय पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब उर्मिला नार्को टेस्ट के लिए तैयार थीं…तो उससे ठीक पहले उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कदम से कथित वीआईपी प्रकरण की जांच प्रभावित हो सकती है। हालांकि, कांग्रेस के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उर्मिला सनावर के खिलाफ देहरादून नगर कोतवाली में भाजपा नेताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में मानहानि समेत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई का जिक्र है। इससे पहले पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की बेटी की शिकायत पर उर्मिला को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो क्लिप की जांच के सिलसिले में सीबीआई ने उर्मिला सनावर को नोटिस जारी किया था। एजेंसी ने उन्हें देहरादून की संबंधित अदालत में पेश होकर पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट के लिए अपनी सहमति स्पष्ट करने को कहा था। उर्मिला ने पहले दावा किया था कि वह जांच एजेंसी के सवालों के जवाब देने और नार्को टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। अब इस प्रक्रिया में उनकी अदालत में पेशी और अंतिम सहमति को लेकर स्थिति अहम मानी जा रही है। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। हाल में अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर मामले की जांच और न्याय की मांग उठाई थी। इस प्रकरण में कुछ नेताओं के नाम भी सार्वजनिक चर्चाओं में आए हैं….लेकिन किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों और प्रमाणित तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है। मामले में जांच से जुड़े निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।