पत्रकार राजीव प्रताप की मौत पर बोले CM Dhami, निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा

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उत्तरकाशी के पत्रकार राजीव प्रताप (Rajiv Pratap Death Case) की रहस्यमय मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जहां एक तरफ पुलिस इसे एक सड़क दुर्घटना मान रही है। तो वहीं दूसरी तरफ परिवार वालों का मानना है कि ये सुनियोजित साजिश के चलते राजीव की हत्या की गई है। इस मामले की जांच अब एसआईटी को सौप दी गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजीव प्रताप की मौत पर सख्त कार्यवाही की बात कही है।

Rajiv Pratap Death Case: उत्तरकाशी पत्रकार राजीव प्रताप की रहस्यमय मौत

दरअसल 18 सितंबर की रात राजीव प्रताप लापता हुए थे। पुलिस के अनुसार वो ज्ञानसू से गंगोरी की ओर अपने दोस्त की कार चला रहे थे। लेकिन घर नहीं पहुंचे। अगली सुबह उनकी क्षतिग्रस्त कार स्यूणा के पास भागीरथी नदी के किनारे मिली। लेकिन उसमें उनकी केवल चप्पलें मिलीं। राजीव का कोई सुराग नहीं था। 10 दिन की लंबी खोज के बाद रविवार को पुलिस और आपदा प्रबंधन की संयुक्त टीम ने उनका शव जोशियाड़ा बैराज से बरामद किया।

CM Dhami ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा

SP सरिता डोभाल ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में राजीव को अकेले कार चलाते हुए देखा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उनकी मौत छाती और पेट में गंभीर चोटों के कारण हुई है। जो सड़क दुर्घटना की ओर इशारा करता है। हालांकि राजीव के परिवार ने स्थानीय पुलिस जांच पर विश्वास न होने के कारण CBI जांच की मांग की है। वही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजीव प्रताप की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा‌ कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच होगी। साथ ही कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। सीएम ने सख्त कार्यवाही की बात भी कही।

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