उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपनी सार्वजनिक भाषण में एक तीव्र रुख अपनाया। उन्होंने पिछले दिनों उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में एक मुअल्लिम द्वारा कही गई कथित बातों के संदर्भ में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी को दोषी ठहराया। धामी ने कहा कि कांग्रेस के युवराज तक उन लोगों की आवाज़ें नहीं पहुँच पातीं, जो समाज को विभाजित करने और धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश करते हैं।
धामी का कहना था कि कांग्रेस के युवा नेता बार-बार सनातन पर हमला करने के प्रयास में लगे रहते हैं। त्रिशूल चौक पर एक मुअल्लिम के वक्तव्य के अनुसार, यदि मदरसे बंद कर दिए जाएँ तो रक्तपात बढ़ सकता है। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नेता और युवराज इस विषय पर एक शब्द भी नहीं बोलते।
धामी ने यह भी बताया कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में शुद्धिकरण के दौरान किसी भी जाति या धर्म के प्रति भेदभाव का कोई साक्ष्य नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सभा के दौरान जिहादी नारे लगने के बावजूद, धार्मिक संगठनों द्वारा शुद्धिकरण कार्य में भाग लेने से कांग्रेसियों में बेचैनी पैदा हो रही है, जो दिल्ली से लेकर देहरादून तक फैली हुई है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शुद्धिकरण में केवल अनुसूचित जाति के लोग शामिल थे, और इसलिए वे अपने समाज के खिलाफ कैसे हो सकते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि शुद्धिकरण केवल जिहादी मानसिकता के खिलाफ और सामाजिक चिंतन के लिए किसी विशेष संगठन द्वारा किया गया है, तो कांग्रेसियों को इसमें परेशानी क्यों हो रही है, जबकि बीजेपी का इसमें कोई रोल नहीं है। धामी ने यह भी कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल राजनीतिक लाभ के लिए उठा रही है, परंतु इससे वे सफल नहीं हो पाएंगी।
