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उत्तराखंड के आसमान में बदलाव: 23 से 26 अक्टूबर तक बारिश और ऊंचाई पर बर्फबारी का अलर्ट

उत्तराखंड में अक्टूबर के आखिरी सप्ताह के लिए मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदलने जा रहा है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में ठंडी लहर का आगमन होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के नवीनतम ब्रीफिंग के अनुसार, 23 अक्टूबर से लेकर 26 अक्टूबर तक के बीच, प्रदेश के कई प्रमुख पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश का दौर शुरू होगा। यह मौसमी बदलाव विशेष रूप से उच्च ऊंचाई वाले इलाकों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां 3500 मीटर या उससे अधिक की ऊंचाई पर बर्फबारी दर्ज होने की संभावना है। इस मौसमी रुझान के कारण, पहाड़ों में तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का असर और गहरा होगा, जो स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के लिए एक चेतावनी बने हुए है।

मौसम के इस बदलाव से पहले, 21 और 22 अक्टूबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क और साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि, शुक्रवार यानी 23 अक्टूबर से ही पर्वतीय क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही शुरू हो सकती है। इस दिन उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुभव किया जा सकता है, जबकि प्रदेश के अन्य निचले और समतल जिलों में मौसम तुलनात्मक रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। यह प्रारंभिक बदलाव आने वाले दिनों के मौसमी पैटर्न के लिए एक संकेतक है।

शनिवार 24 अक्टूबर को मौसमी असर का दायरा और विस्तृत हो सकता है, जिसमें पांच प्रमुख पर्वतीय जिलों—उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़—में हल्की बारिश दर्ज होने की संभावना है। इन जिलों के ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी के साथ-साथ, कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और बादल गरजने की भी संभावना जताई गई है, जो यात्रियों के लिए सावधानी रखने की मांग करता है। रविवार 25 अक्टूबर को भी इसी पांच जिलों में हल्की बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, और 3500 मीटर से ऊपर के क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार बना रहेंगे।

सोमवार 26 अक्टूबर को भी मौसम का यह प्रभाव बना रहने की संभावना है, जहां उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं हल्की बारिश और ऊंचाई पर बर्फ गिरने की उम्मीद है। इसके विपरीत, प्रदेश के बाकी आठ जिलों में मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। अक्टूबर के इन आखिरी दिनों में उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ना एक सामान्य प्रवृत्ति है, जो नवंबर में और तीव्र होती है और दिसंबर से फरवरी के बीच कई इलाकों में कड़ाके की सर्दी पड़ जाती है।

आने वाले दिनों में पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले पर्यटक और स्थानीय लोगों से अपील है कि वे मौसम के ताजा अपडेटों पर नजर बनाए रखें। विशेष रूप से ऊंचाई वाले इलाकों या हिमालयी रास्तों से गुजरने से पहले, स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों से सड़कों की स्थिति और कुंडिंग की जानकारी लेना अत्यंत आवश्यक है। मौसमी अनिश्चितता को ध्यान में रखते हुए, यात्रियों को आवश्यक सामान लेकर चलना और मौसम की स्थिति के अनुसार अपनी यात्रा योजना बनाई जानी चाहिए, ताकि सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव हो सके।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।