उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए यह एक अपेक्षित नहीं, बल्कि चौंकाने वाली खबर है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने हाल ही में अपनी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए एक महत्वपूर्ण विज्ञप्ति जारी कर कई प्रमुख पदों के लिए प्रस्तावित लिखित परीक्षाओं को अचानक स्थगित कर दिया है। आयोग ने 18 अक्टूबर को जारी इस निर्देश में स्पष्ट किया है कि अब अभ्यर्थियों को नई परीक्षा तिथियों का इंतजार करना होगा, जिससे भर्ती प्रक्रिया की जटिलता में और वृद्धि हो गई है। यह कदम उन सभी उम्मीदवारों के लिए अहम है जो पिछले कई महीनों से कठोर तैयारी कर रहे थे।
आयोग की ओर से जारी विस्तृत सूचना के अनुसार, दो अलग-अलग भर्ती विज्ञापनों के तहत आयोजित होने वाली परीक्षाओं को अगले आदेश तक टाल दिया गया है। इस स्थगन का प्रभाव सबसे अधिक उन पदों पर पड़ा है जो राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें कनिष्ठ सहायक, आशुलिपिक ग्रेड-1 और वैयक्तिक सहायक के पद शामिल हैं। इसके अलावा, सहायक लेखाकार और अन्य सहायक स्तर के पदों के लिए भी लिखित परीक्षा का शेड्यूल बदला गया है। यह निर्णय उन सभी समूहों के लिए एक मुद्दे की उठान है जो आर्थिक स्थिरता और सरकारी सेवा में अपने करियर की नींव रखना चाहते हैं।
परीक्षाओं के मूल शेड्यूल के अनुसार, आयोग के विज्ञापन संख्या 78/2026 के तहत कनिष्ठ सहायक, आशुलिपिक ग्रेड-1 और वैयक्तिक सहायक के पदों की लिखित परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित थी। वहीं, दूसरी तरफ, विज्ञापन संख्या 79/2026 के तहत विभिन्न विभागों में सहायक लेखाकार और अन्य पदों के लिए परीक्षा 1 नवंबर 2026 को आयोजित होनी थी। हालांकि, आयोग ने ‘अपरिहार्य कारणों’ का हवाला देते हुए इन दोनों ही महत्वपूर्ण परीक्षाओं को अग्रिम आदेशों तक स्थगित करने का ऐलान किया है। प्रशासन द्वारा दिए गए इस कारण की व्याख्या के बिना, स्थगन का फैसला उम्मीदवारों में परेशानियों और अनिश्चितता का माहौल पैदा करने में सफल रहा है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्थगित परीक्षाओं की नई तिथियों की घोषणा बाद में अलग से की जाएगी, लेकिन फिलहाल कोई नया कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। इस स्थिति में, अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे UKSSSC की आधिकारिक वेबसाइट को नियमित रूप से देखते रहें ताकि नई तिथियों और भर्ती से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं से अवगत रह सकें। सरकार को उम्मीद है कि यह अस्थायी स्थगन भविष्य में एक और व्यवस्थित और सुचारू परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगा, लेकिन इसके लिए उम्मीदवारों को अपनी तैयारी जारी रखनी होगी।
