उत्तराखंड के युवा अब एक बड़ी राहत की सांस ले सकते हैं, क्योंकि राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में लगभग 1,600 खाली पदों पर सीधी भर्ती शुरू करने का औपचारिक फैसला किया। यह घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के पुलिस लाइन में आयोजित “पुलिस स्मृति दिवस” समारोह में की, जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्य सचिव आनंद बर्धन और कई वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। धामी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “खाकी वर्दी केवल एक पोशाक नहीं, बल्कि साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का सच्चा प्रतीक है,” और पिछले साल देशभर में 154 जवानों की शहादत, जिसमें उत्तराखंड के उपनिरीक्षक स्व. विनोद कुमार भी शामिल थे, को याद किया।
नए 1,600 पदों के साथ पहले भी नागरिक पुलिस में 1,573 और पीएसी में 370 कॉन्स्टेबल की सीधी भर्ती, तथा उपनिरीक्षक, प्लाटून कमांडर और अग्निशमन अधिकारियों के 222 पदों की भर्ती पूरी हो चुकी है। इस बंपर भर्ती से हजारों युवाओं को खाकी पहनने और राज्य की सुरक्षा में योगदान देने का सुनहरा मौका मिलेगा। इस अवसर को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के विकास हेतु आठ प्रमुख घोषणाएँ भी कीं, जिनमें वार्षिक थाना बजट को 4 करोड़ से बढ़ाकर 8 करोड़ करना, प्रत्येक थाने‑चौकी में पदों की पुनः समीक्षा, आधुनिक जांच किट की उपलब्धता, पुलिस मॉडर्न स्कूलों का उन्नयन, देहरादून में ट्रांजिट हॉस्टल व बहुमंजिला बैरक का निर्माण, पुलिस अस्पताल का आधुनिकीकरण, और पुलिस परिवारों के स्वास्थ्य, आवास व शिक्षा में व्यापक सुधार शामिल हैं।
पुलिस कर्मियों के कल्याण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। डीजीपी दीपम सेठ ने बताया कि सरकारी आवास की संतुष्टि दर 18 % से बढ़ाकर 22 % कर दी गई है, लक्ष्य 30 % तक पहुँचाने का है। इस साल 785 पुलिसकर्मियों को प्रोमोशन मिला, 24 मृतक पुलिसकर्मियों के आश्रितों को नौकरियां दी गईं, और कैशलेस इलाज की सुविधा लागू की गई। ऋषिकेश के एआईएमएस में 24 घंटे पुलिस हेल्प‑डेस्क शुरू किया गया है, साथ ही नियमित योग व काउंसलिंग सत्रों से मानसिक तनाव कम करने की योजना भी बनाई गई है।
अंत में, धामी ने नशा तस्करी और साइबर अपराध को “जीरो टॉलरेंस” नीति से रोकने का संकल्प लिया। तीन‑स्तरीय एंटी‑नारकोटिक्स टास्क‑फोर्स की स्थापना, 32 करोड़ रुपये की लागत से राज्य साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर का निर्माण, तथा प्रत्येक थाने में महिला हेल्प‑डेस्क और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) की व्यवस्था, इस दिशा में प्रमुख कदम हैं। इन व्यापक पहलों के साथ उत्तराखंड पुलिस को सशक्त, आधुनिक और कर्मी‑केन्द्रित बनाने की दिशा में सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं।
Original Title: पुलिस में बंपर भर्ती: CM धामी का पुलिस स्मृति दिवस पर युवाओं को बड़ा तोहफा, 8 बड़ी घोषणाएं पढ़ें
Original Content: उत्तराखंड के युवाओं के लिए एक बेहद खुशखबरी की खबर सामने आई है। प्रदेश में जल्द ही पुलिस विभाग में करीब 1,600 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। इसका ऐलान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून के पुलिस लाइन में आयोजित ‘पुलिस स्मृति दिवस’ समारोह के दौरान किया।
CM ने दी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों को सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस महकमे को मजबूत करने और जवानों के कल्याण के लिए 8 बड़ी घोषणाएं भी कीं। समारोह के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित शासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
1,600 पदों पर सीधी भर्ती, युवाओं के पास सुनहरा मौका
यदि आप भी उत्तराखंड पुलिस में भर्ती होकर देश और प्रदेश की सेवा करने का सपना देख रहे हैं, तो अब अपनी तैयारियों को तेज कर दीजिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि पुलिस विभाग की अलग-अलग इकाइयों में खाली पड़े लगभग 1,600 पदों पर जल्द ही नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे पहले भी नागरिक पुलिस में 1,573 और पीएसी (PAC) में 370 आरक्षियों (कॉन्स्टेबल) की सीधी भर्ती की जा चुकी है, जबकि उपनिरीक्षक (SI), प्लाटून कमांडर और अग्निशमन अधिकारियों के 222 पदों पर भर्ती प्रक्रिया हाल ही में पूरी हुई है। अब इन नए 1,600 पदों के आने से खाकी पहनने का सपना देख रहे हजारों युवाओं को रोजगार का बेहतरीन मौका मिलेगा।
ये हैं मुख्यमंत्री के पुलिस के लिए आठ ऐलान
मुख्यमंत्री ने न केवल युवाओं के लिए भर्ती का पिटारा खोला, बल्कि पुलिसकर्मियों की दैनिक कार्यप्रणाली और उनकी सुविधाओं को सुधारने के लिए आठ अहम घोषणाएं कीं पुलिस विभाग के विभिन्न संवर्गों में खाली पड़े लगभग 1600 पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। थानों के रोजमर्रा और जरूरी कार्यों के लिए वार्षिक बजट को 4 करोड़ रुपये से बढ़ाकर सीधे 8 करोड़ कर दिया गया है। जरूरत के हिसाब से हर थाने और चौकी में पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के पदों की संख्या की नए सिरे से समीक्षा की जाएगी।मुकदमों की सही और वैज्ञानिक जांच के लिए जांच अधिकारियों को आधुनिक इन्वेस्टिगेशन किट मुहैया कराई जाएगी। राज्य के सभी पुलिस मॉडर्न स्कूलों को और अधिक बेहतर एवं आधुनिक बनाया जाएगा। राजधानी देहरादून में ड्यूटी पर आने वाले पुलिसकर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल और बहुमंजिला बैरक का निर्माण किया जाएगा। देहरादून स्थित पुलिस अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर उसका अपग्रेडेशन किया जाएगा। पुलिस परिवारों की स्वास्थ्य, आवास और शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं में बड़ा सुधार किया जाएगा।
शहीदों के परिजनों का सम्मान और पुलिस कल्याण
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “खाकी वर्दी केवल एक पोशाक नहीं, बल्कि साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का सच्चा प्रतीक है। हमारे पुलिसकर्मी त्योहारों पर भी अपने परिवारों से दूर रहकर कड़ाके की ठंड, भीषण गर्मी और आपदाओं के बीच जनता की रक्षा करते हैं।” उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में देशभर में 154 जवानों ने अपना फर्ज निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक स्व. विनोद कुमार भी शामिल हैं। सरकार शहीद परिवारों के साथ हर कदम पर खड़ी है।
पुलिस महकमे में सुधार और नई सुविधाएं
डीजीपी दीपम सेठ ने बताया किपुलिसकर्मियों के लिए सरकारी आवास की संतुष्टि दर 18% से बढ़ाकर 22% हो चुकी है, जिसे 30% तक ले जाने का लक्ष्य हैष इस वर्ष 785 पुलिसकर्मियों को प्रमोशन दिया गया है। साथ ही मृतक पुलिसकर्मियों के 24 आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरियां दी गई हैं। पुलिस कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है। एम्स ऋ
