उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 और राज्य में निवेश के माहौल को संकट में डालने के आरोपों ने नया मोड़ लेते हुए उद्योग निदेशालय ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं को लेकर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय समिट और निवेश प्रोत्साहन प्रयासों को तोड़फोड़ करने की कोशिश को रोकने के लिए देहरादून के राजपुर थाने में आईटी एक्ट की धाराओं के तहत एक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह कदम उस समय उठाया गया है जब राज्य सरकार आर्थिक विकास को गति देने, पूंजी के प्रवाह को बढ़ावा प्रदान करने और रोजगार के नए अवसरों को जन्म देने के लिए व्यापक प्रयास कर रही है, जिसमें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
उद्योग निदेशालय के अपर निदेशक मृत्युंजय सिंह द्वारा भेजी गई लिखित शिकायत में यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि एक्स (पूर्व में ट्विटर) समेत अन्य प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ व्यक्ति गलत और भ्रामक जानकारी साझा कर रहे हैं। शिकायत पत्र में विशेष रूप से कामरान समेत अन्य कुछ लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं, जिनके द्वारा की गई पोस्टिंग को विभाग ने “असत्य” और “भ्रामक” घोषित किया है। निदेशालय की चिंता यह है कि इस तरह की अफवाहों और गलतफहमी से निवेशकों के बीच भ्रम और अविश्वास की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे राज्य के आर्थिक भविष्य और निवेशकों के भरोसे को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए, विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि निवेश के अनुकूल माहौल को बनाए रखना अनिवार्य है, जिसके लिए कानूनी कार्रवाई एक ज़रूरी कदम है।
राजपुर थाने में दर्ज इस मुकदमे के बाद पुलिस ने तत्काल जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामला इंस्पेक्टर नेहरू कॉलोनी देवेंद्र चौहान को सौंपा गया है, जिन्हें भ्रामक पोस्ट साझा करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान करने और संबंधित डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण करने का दायित्व दिया गया है। उद्योग निदेशालय ने पुलिस से न केवल साइबर और तकनीकी जांच कराने की मांग की है, बल्कि उन अकाउंट्स की पहचान करने के लिए भी कहा गया है जो इस तरह की हानिकारक सामग्री फैला रहे हैं।
यह मामला सोशल मीडिया की दुनिया में फैल रही अफवाहों और उनके आर्थिक प्रभावों को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रसंग बनेगा, जहाँ सरकार डिजिटल माध्यमों पर अपनी प्रतिष्ठा और निवेशक विश्वास की रक्षा के लिए कानूनी राहों का सहारा ले रही है। पुलिस अब इन पोस्ट्स, संबंधित डिजिटल फुटप्रिंट्स और उपलब्ध सभी साक्ष्यों की गहन जांच करेगी ताकि वास्तविकता स्पष्ट हो सके और जिम्मेदारों के खिलाफ कानून की कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
