आज, 7 अक्टूबर 2026 को, रिषिपर्णा सभागार, कलेक्टरेट में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने प्रमुख भूमिका निभाई। इस बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ईआरओ) और बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) ने भाग लिया। उद्देश्य था विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद छूटे हुए पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में सम्मिलित करने के लिए एक स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करना।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि 8 से 10 अक्टूबर 2026 के बीच तीन दिनों तक बूथ स्तर पर एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान उन भारतीय नागरिकों को, जिन्हें पूर्व में मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित रह गया था, उनके नाम जोड़ने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद, 12 से 20 अक्टूबर 2026 तक, बीएलओ द्वारा घर‑घर जाकर सत्यापन किया जाएगा, ताकि पात्र नागरिकों को नियमानुसार सूची में शामिल किया जा सके। यह कदम मतदाता रजिस्ट्रेशन को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए उठाया गया है।
जिलाधिकारी ने ईआरओ को स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान के दौरान पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी को अपनी-2 विधानसभा में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ टेबल‑टॉप बैठक आयोजित करनी होगी, और बूथ‑लेवल अधिकारियों को अभियान की प्रक्रिया, दायित्व और समय‑सारणी के बारे में विस्तृत निर्देश दिए जाने चाहिए। इसके अतिरिक्त, फॉर्म‑6 की नियमानुसार जांच और कार्रवाई को भी अनिवार्य किया गया है।
इस अभियान का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को क्षेत्र‑वार और बूथ‑वार प्रभावी निगरानी व्यवस्था स्थापित करने का निर्देश दिया, ताकि कार्य समय‑सीमा के भीतर पूरा हो सके। सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करते हुए, निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए समन्वित प्रयास करेंगे।
