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बरेली से उत्तराखंड, मथुरा तक 25 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें जल्द चलेंगी

बरेली के यात्रियों के लिए ख़ुशख़बरी – आने वाले महीनों में बरेली से पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, मथुरा और उत्तराखंड के हल्द्वानी तक एसी इलेक्ट्रिक बसों की सेवा शुरू होने वाली है। इस योजना के तहत बरेली रीजन को 25 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की जा चुकी हैं, और परिवहन निगम ने इन बसों के संचालन के लिए संभावित मार्ग भी तय कर लिए हैं।

यह पहल उत्तर प्रदेश सरकार की व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसमें 18 शहरों में कुल 1,725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद, इस योजना को ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल पर लागू किया जाएगा। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि इस योजना में नौ और 12 मीटर लंबाई वाली बसें शामिल होंगी, जिनमें से 12 मीटर लंबी हर बस पर 40 लाख रुपये और नौ मीटर लंबी बस पर 35 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा।

उल्लेखित 18 शहरों में आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा‑वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा‑जैवर शामिल हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बढ़ाना और इलेक्ट्रिक बसों के निर्माण व आपूर्ति से जुड़े निवेश तथा रोजगार को प्रोत्साहित करना है।

बरेली रीजन को 25 एसी बसें लगभग एक साल पहले ही आवंटित की गई थीं, परंतु चार्जिंग स्टेशन की अनुपलब्धता के कारण बसें नहीं खरीदी जा सकीं। पिछले महीने पुराने बस अड्डे के परिसर में चार्जिंग स्टेशन बनाने का कार्य शुरू हो गया है, और उसके तैयार होने के बाद बसों के संचालन की राह आसान हो सकती है। परिवहन निगम के अधिकारियों ने बरेली से पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, मथुरा और हल्द्वानी के लिए संभावित रूट भी चिह्नित किए हैं।

सरकार ने यह भी बताया कि बसों में यात्रियों से कितना किराया लिया जाएगा, इसका निर्णय प्रदेश सरकार करेगी, और परिवहन विभाग की नीति के तहत उत्तर प्रदेश में बनी बसों की खरीद को प्राथमिकता दी जाएगी। बरेली से शुरू होकर उत्तराखंड और मथुरा तक की यात्रा अब अधिक आरामदायक और पर्यावरण‑अनुकूल होगी, जिससे नागरिकों को एक नया विकल्प उपलब्ध होगा।

Original Title: उत्तराखंड और मथुरा जाना होगा बेहद आसान, अब चलेंगी 25 नई एसी बसें
Original Content: Bareilly AC Bus | Electric Bus Service | Uttarakhand : बरेली से दूसरे शहरों तक सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। आने वाले समय में बरेली से पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, मथुरा और उत्तराखंड के हल्द्वानी तक एसी इलेक्ट्रिक बसों की सुविधा मिलेगी। इसके लिए बरेली रीजन को 25 एसी बसें आवंटित करने की मंजूरी मिल चुकी है। परिवहन निगम ने इन बसों के संचालन के लिए संभावित रूट भी चिह्नित कर लिए हैं। प्रदेश सरकार की योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 18 शहरों में 1725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इस योजना को ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल पर लागू किया जाएगा। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि इस योजना में नौ और 12 मीटर लंबाई वाली बसें शामिल होंगी। इस योजना में आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा‑वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा‑जेवर समेत 18 शहरों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य शहरों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बढ़ाना है। बरेली रीजन को 25 एसी बसें करीब एक साल पहले ही आवंटित कर दी गई थीं…लेकिन चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था नहीं होने के कारण बसें नहीं मंगाई जा सकीं। पिछले महीने पुराने बस अड्डे के परिसर में चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम शुरू हुआ है। इसके तैयार होने के बाद बसों के संचालन की राह आसान हो सकती है। परिवहन निगम के अधिकारियों ने बरेली से पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, मथुरा और हल्द्वानी के लिए संभावित रूट भी चिह्नित किए हैं। इन बसों के शुरू होने से यात्रियों को आरामदायक सफर का विकल्प मिल सकेगा। योजना के तहत राज्य सरकार 12 मीटर लंबी हर बस की खरीद पर 40 लाख रुपये और नौ मीटर लंबी बस पर 35 लाख रुपये का अनुदान देगी। बस डिपो बनाने के लिए संबंधित नगर निगम और नोएडा प्राधिकरण जरूरत के मुताबिक मुफ्त जमीन उपलब्ध कराएंगे। बसों में यात्रियों से कितना किराया लिया जाएगा…इसका फैसला प्रदेश सरकार करेगी। परिवहन विभाग की नीति के तहत उत्तर प्रदेश में बनी बसों की खरीद को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से शहरों में सार्वजनिक परिवहन के साधन बढ़ेंगे। साथ ही इलेक्ट्रिक बसों के निर्माण और आपूर्ति से जुड़े निवेश तथा रोजगार को भी बढ़ावा मिल सकता है।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।

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