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उत्तराखंड में बिजली के नए कनेक्शन की लागत उछाई, 1 नवंबर से लागू होंगी कड़ी दरें

उत्तराखंड के उन लाखों नागरिकों के लिए, जो नई इमारतों में बसने, व्यापारिक प्रयासों को आगे बढ़ाने या घर की बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए नया विद्युत कनेक्शन लेने की योजना बना रहे हैं, अगले महीने की शुरुआत आर्थिक रूप से कठिन हो सकती है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (Uttarakhand Electricity Regulatory Commission) द्वारा जारी किए गए ताज़ा आदेश के तहत, नए बिजली कनेक्शन के लिए आवश्यक ‘सर्विस लाइन चार्ज’ में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की गई है। यह बदलाव 1 नवंबर से प्रभावी हो जाएगा, जिसका सीधा असर नए उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। यह निर्णय न केवल सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं को, बल्कि कम आय वर्ग (BPL) के लोगों को भी प्रभावित करने वाला है, जो अब बिजली की बुनियादी सुविधा तक पहुंचने के लिए अधिक व्यय करने के लिए मजबूर होंगे।

नियामक आयोग के इस नए आदेश के तहत, 4 किलोवाट तक की क्षमता वाले मानक घरेलू कनेक्शन के लिए लागू शुल्क में भारी वृद्धि देखी जा रही है। पहले सामान्य उपभोक्ताओं के लिए 4 किलोवाट के कनेक्शन का सर्विस लाइन चार्ज 1,000 रुपये था, लेकिन अब यह राशि बढ़कर 1,400 रुपये हो गई है। इसका मतलब है कि एक साधारण परिवार को बिजली कनेक्शन के लिए अब कुल 400 रुपये अतिरिक्त देना होगा। यह बढ़त छोटी प्रतीत हो सकती है, लेकिन बिजली कनेक्शन लेने के अन्य लागतों, जैसे कि मीटर की खरीद और वायरिंग के खर्च के साथ जोड़ने पर, यह नए घरवालों के लिए एक नमकीना हिस्सा बनता है। इस प्रकार, बिजली का उपयोग बढ़ाने या नई सुविधाएं जोड़ने के इरादे से किया गया यह निवेश अब पहले से अधिक महंगा हो गया है।

विशेष रूप से कम आय वर्ग (BPL) के उपभोक्ताओं के लिए यह निर्णय एक झटके के रूप में देखा जा सकता है। राज्य में गरीब वर्ग को बिजली की बुनियादी सेवाओं तक सौजन्य के साथ पहुंचाने के उद्देश्य से पहले से ही कम दरें लागू थीं, लेकिन नए आदेश के तहत 4 किलोवाट के कनेक्शन के लिए बीपीएल उपभोक्ताओं का सर्विस लाइन चार्ज 100 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये कर दिया गया है। हालांकि इसमें वृद्धि का आंकड़ा सामान्य दरों की तुलना में कम है, लेकिन सीमित बजट वाले परिवारों के लिए यह भी एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। यह बदलाव प्रशासन की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत, रखरखाव और विस्तार के लिए आवश्यक निवेश को पूरा करने की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा सकता है, जिससे भविष्य में बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और प्रभावी हो सके।

उच्च ऊर्जा मांग वाले उपयोगकर्ताओं, जैसे कि मध्यम से बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों या बड़े आवासों के मालिकों के लिए भी शुल्क संरचना में उल्लेखनीय परिवर्तन किए गए हैं। 4 से 10 किलोवाट की क्षमता वाले कनेक्शन के लिए सर्विस लाइन चार्ज 3,000 रुपये निर्धारित किया गया है। 반면, 10 से 25 किलोवाट तक की उच्च क्षमता वाले कनेक्शन के लिए यह शुल्क 5,000 रुपये तक बढ़ गया है। इसके अलावा, इन उच्च क्षमता वाले कनेक्शन के लिए 600 रुपये का एक अतिरिक्त ‘सिक्योरिटी चार्ज’ भी देय होगा। यह सुरक्षा शुल्क संभवतः ग्रिड की सुरक्षा और भविष्य के नुकसान से बचाव के लिए एक जमा राशि के रूप में कार्य करेगा।

इस दरों में वृद्धि के पीछे विद्युत विभाग और नियामक आयोग का तर्क यह है कि विद्युत नेटवर्क का विस्तार, पुरानी लाइनों की मरम्मत और आधुनिकीकरण के लिए पर्याप्त संसाधों की आवश्यकता है। क्योंकि हर महीने की पहली तारीख वित्तीय परिवर्तनों का प्रतीक बनती जा रही है, इसलिए उपभोक्ताओं को अपने आने वाले बिजली कनेक्शन के खर्च को समय पर पुनर्गणना करनी चाहिए। जो लोग 1 नवंबर से पहले अपने आवेदन पूरे कर चुके हैं, उन्हें पुरानी दरों का लाभ मिल सकता है, जबकि इस तारीख के बाद आवेदन करने वालों को नई, ऊंची दरों का सामना करना होगा। यह आर्थिक बदलाव उत्तराखंड के हर कोने में, शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक, नए बिजली कनेक्शन लेने वाले हर व्यक्ति के लिए एक महत्वपूर्ण सावधानी का संदेश है।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।

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