उत्तराखंड के चमोली जिले में मौसम ने अचानक एक नया रंग धारण कर लिया है। 10 अक्टूबर को शीतकालीन अवधि के लिए हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने से पहले ही, ऊँची चोटियों पर बर्फबारी शुरू हो गई, जिसने सिख गुरुद्वारा परिसर, लक्ष्मण मंदिर और आसपास के पहाड़ों को एक चांदनी सफ़ेद चादर में ढक दिया। उसी दिन गुरुवार की देर रात से रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी के साथ-साथ जोशीमठ में भी देर रहात से बारिश होती रही, जिससे क्षेत्र में मौसम का असामान्य मिश्रण दिखाई दिया।
गुरुद्वारा के भीतर के दृश्य पर बर्फ की परत ने एक नया आकर्षण जोड़ दिया। सिख अनुयायियों के लिए यह पवित्र स्थल, अब बर्फ से सजा हुआ, एक आध्यात्मिक और दृश्यात्मक अनुभव दोनों बन गया। सुबह की धूप के साथ बर्फ से ढकी चोटियाँ और भी मनमोहक दिखाई देने लगीं, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच उत्साह और खुशी की लहर दौड़ गई।
यह बर्फबारी, जो कपाट बंद होने से पहले ही हुई, एक अनोखा अवसर लेकर आई है, क्योंकि 10 अक्टूबर को शीतकालीन अवधि के दौरान कपाट बंद हो जाएंगे। इस मौसमीय बदलाव के बावजूद, अब तक इस सीजन में 3,78,737 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब का दर्शन कर चुके हैं, जो इस पवित्र स्थल की निरंतर लोकप्रियता को दर्शाता है।
चमोली जिले के ऊँचे इलाकों में हिमपात ने बदरीनाथ धाम और औली की चोटियों को भी ढक लिया है, जिससे पूरे क्षेत्र का परिदृश्य बदल गया है। हिमाच्छादित परिदृश्य और सिख गुरुद्वारा के बीच का यह अनोखा संयोजन, उत्तराखंड के प्राकृतिक सौंदर्य को और भी उजागर करता है।
Original Title: कपाट बंद होने से पहले हेमकुंड साहिब में बर्फबारी, सफेद चादर से ढका परिसर
Original Content: उत्तराखंड में मौसम बदल गया है। चमोली जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई है। हेमकुंड साहिब, बदरीनाथ धाम और औली की चोटियों पर हिमपात हुआ है। तो वहीं जोशीमठ में भी देर रहात से बारिश होती रही। सुबह बर्फ से ढकी चोटियां नजर आईं।
हेमकुंड साहिब में बर्फबारी से बदला नजारा
हेमकुंड साहिब में भी गुरुवार देर रात से रुक-रुककर बारिश और बर्फबारी हुई। जिससे सिखों के गुरुद्वारा परिसर, लक्ष्मण मंदिर और आसपास की पहाड़िया बर्फ से ढकी नजर आईं। बर्फबारी के बाद पूरे इलाके का नजारा बदल गया। इसके अलावा सुबह धूप निकलने के बाद बर्फ से ढकी चोटियां बेहद खूबसूरत नजर आ रही थीं। श्रद्धालुओं को भी मनमोहक दृश्य देखने को मिला।
कपाट बंद होने से पहले हुई बर्फबारी
आपको बता दें कि हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने से पहले ही यहां पर बर्फबारी देखने को मिली। 10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए कपाट बंद किए जाने हैं। मौसम में ये खूबसूरत बदलाव के बाद श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक 3,78,737 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब के दर्शन कर चुके हैं।
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