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शिक्षा महानिदेशक आकांशा कोंडे ने दी तुरंत राहत: एलटी शिक्षकों की वरिष्ठता सूची होगी जल्द सार्वजनिक, 99 शिक्षकों को मिलेगा तबादले का लाभ

उत्तराखंड में सरकारी शिक्षकों के वर्षों से लंबित वरिष्ठता सूची (सीनियरिटी लिस्ट) के मुद्दे को लेकर एक बड़ी राहत मानी जा रही है। शिक्षा महानिदेशक आकांशा कोंडे ने निदेशक शिक्षा को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा है कि एलटी (लोकलय) शिक्षकों की अंतिम वरिष्ठता सूची को तत्काल तैयार करके विभागीय पोर्टल पर अपलोड किया जाए। यह निर्देश शुक्रवार को आयोजित हुई महत्वपूर्ण बैठक के दौरान दिया गया, जिसमें राजकीय शिक्षक संघ ने कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के प्रमुख पदाधिकारियों सहित प्रदेश भर के सरकारी शिक्षकों से जुड़े आठ अहम मुद्दों पर चर्चा की। शिक्षकों ने मुख्य तर्क के रूप में उठाया कि चूंकि इस विवाद से जुड़े सभी कोर्ट के मामले अब समाप्त हो चुके हैं, इसलिए विभाग को अब सूची जारी करने में कोई विलंब नहीं करना चाहिए। बैठक में कुमाऊं मंडल के मंडलीय अध्यक्ष डॉ. रविशंकर गुसाईं, देहरादून के जिलाध्यक्ष सुभाष झड़ियाल और प्रांतीय संरक्षक लक्ष्मण सजवाण की मौजूदगी में शिक्षा महानिदेशक ने कई पुरानी मांगों पर तुरंत फैसला लेते हुए शिक्षक समुदाय को संरक्षण का भरोसा दिलाया।

पदोन्नति और तबादले के मुद्दों पर भी महानिदेशक ने सकारात्मक रुख अपनाया है। संघ ने याद दिलाया कि 24 अगस्त 2026 को शिक्षा सचिव के साथ हुई बैठक में एलटी से प्रवक्ता पदोन्नति के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को लेकर विधि एवं न्याय सचिव से राय मांगी गई थी, लेकिन अबतक कोई जवाब नहीं मिला है। संघ ने मांग की है कि विभाग जल्द उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को पदोन्नति का अधियाचन भेजे। इसके अलावा, अंतरमंडलीय पारस्परिक (म्यूचुअल) स्थानांतरण की व्यवस्था के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है, जिससे 99 शिक्षकों को सीधे लाभ मिलेगा। साथ ही, अलग-अलग जिलों में कनिष्ठ-वरिष्ठ वेतन विसंगति के भ्रम को दूर करने के लिए पूरे प्रदेश में एकरूपता लाने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा प्रक्रिया और पठन-पाठन के माहौल को बेहतर बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। 28 अक्टूबर से शुरू होने वाली अर्धवार्षिक परीक्षाओं के समय सारणी को लेकर संघ की आपत्ति को स्वीकार करते हुए, महानिदेशक ने निर्देश दिया कि परीक्षाओं का समय स्कूल के नियमित समय के अनुसार ही तय किया जाए, जिसमें पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाएगा। शिक्षकों पर गैर-जरूरी मोबाइल ऐप्स के जरिए ट्रेनिंग का बोझ हटाने के लिए भी कदम उठाया गया है; अब केवल केंद्र सरकार द्वारा अनिवार्य किए गए ऐप्स ही बने रहेंगे। इसके अतिरिक्त, हाल ही में अपग्रेड किए गए नए हाईस्कूलों में व्यायाम शिक्षक (पीटीआई) के पद सृजन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा, और हाईस्कूल स्तर पर कला और संगीत जैसे विषयों के अंकों को भी मुख्य मार्कशीट में शामिल करने के लिए जल्द फैसला लिया जाएगा।

बैठक के समापन पर शिक्षा महानिदेशक ने राजकीय शिक्षक संघ को अगले दिन निदेशक से मिलने के लिए बुलाया है और सलाह दी है कि संघ विधि एवं न्याय सचिव से स्वयं मुलाकात करे। उन्होंने वर्षों से अटकी पदोन्नति पर गहरी चिंता प्रकट करके घोषणा की है कि विभागीय अधिकारियों, संघ और याचिकाकर्ता शिक्षकों को एक ही टेबल पर बैठाकर सर्वसम्मति से रास्ता निकाला जाएगा। राजकीय शिक्षक संघ ने इस बैठक को शिक्षक समाज के लिए एक शुभ संकेत बताया है और यह स्पष्ट किया है कि वे आगामी चुनावों की घोषणा से पहले हर हाल में एलटी से प्रवक्ता पदोन्नति की सूची जारी करवाने के लिए शासन और सरकार के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।

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