उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के उद्देश्य से सोमवार को एक विस्तृत बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया। इस सत्र में मतदाता सूची के पुनरावलोकन, अब तक की कार्रवाई और आगामी कदमों की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की गई, जिससे सभी दलों को प्रक्रिया की पारदर्शिता का भरोसा मिला। बैठक का संचालन मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम के निर्देशों के तहत अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने किया, जिन्होंने सत्र को व्यवस्थित रूप से संचालित किया और उपस्थित सभी प्रतिनिधियों के प्रश्नों का विस्तृत उत्तर दिया।
डॉ. जोगदंडे ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची से संबंधित सभी दावे और आपत्तियों का निपटारा 28 सितंबर तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इस तिथि के बाद, नियत समय‑सारिणी के अनुसार, 3 अक्टूबर को प्रदेश में अंतिम मतदाता सूची का आधिकारिक प्रकाशन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान, यदि कोई नागरिक किसी कारणवश अपने नाम को सूची में शामिल नहीं देख पाता, तो उसे तुरंत कार्रवाई करने की सलाह दी गई। विशेष रूप से, वे अपने नाम को जोड़वाने के लिए दो विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं: इलेक्ट्रॉनिक चुनाव आयोग नेटवर्क (ECI‑Net) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन, या अपने संबंधित ब्लॉक लेवल अधिकारी (BLO) को फॉर्म‑6 जमा करके।
उपरोक्त उपायों के अलावा, निर्वाचन विभाग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं अपनी नामांकन स्थिति की जांच करें और यदि नाम सूची में नहीं दिखता, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत शीघ्र आवेदन करें। इस कदम से न केवल सूची की शुद्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि आगामी चुनावों में प्रत्येक योग्य मतदाता को अपना अधिकार प्राप्त होगा। इस प्रकार, उत्तराखंड में SIR कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची का अंतिम रूप देने की दिशा में एक स्पष्ट और सुसंगत मार्ग प्रशस्त हो रहा है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।
