उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू की तेज़ी: स्कूलों में नई सुरक्षा व्यवस्था लागू

उत्तराखंड में हाल ही में स्वाइन फ्लू के मामलों में तेज़ी से वृद्धि देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने इस बढ़ती महामारी को रोकने के लिए स्कूलों के लिए एक विस्तृत सलाह जारी की है, ताकि बच्चों में संक्रमण का खतरा कम किया जा सके। यह सलाह तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित की गई है, जिनमें स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क का प्रयोग और फ्लू जैसे लक्षण वाले छात्रों को विद्यालय आने से रोकने के निर्देश शामिल हैं।

देहरादून के मुख्य चिकित्सक (सीएमओ) डॉक्टर मनोज शर्मा ने जिला शिक्षा अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को एक औपचारिक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने सभी स्कूलों में इन उपायों के कड़ाई से पालन की अपील की है। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी छात्र को बुखार, खांसी या गले में खराश जैसे लक्षण दिखें तो उसे तुरंत स्कूल से बाहर रखा जाए और आवश्यक होने पर मास्क पहनने की सलाह दी जाए।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में देहरादून जिले में H1N1 के 8 नए पॉज़िटिव केस सामने आए हैं। अब तक इस जिले में 565 स्वाइन फ्लू के मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 372 मामले देहरादून के हैं और 193 अन्य जिलों या राज्यों से आए हैं। वर्तमान में देहरादून और ऋषिकेश में कुल 78 सक्रिय केस हैं। अधिकांश सक्रिय मरीजों का उपचार निजी अस्पतालों में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि अब तक इस महामारी में दो लोगों की मृत्यु हो चुकी है।

सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि फ्लू जैसे लक्षण प्रकट हों तो स्वयं को अलग रखें, भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहें और मास्क का प्रयोग तथा हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए अलग-अलग आइसोलेशन बेड तैयार किए गए हैं और फ्लू ओपीडी भी संचालित की जा रही है।

इस तरह के कदमों के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है, और सभी को जागरूक रहने तथा निवारक उपायों का पालन करने की सलाह देता है।