उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के आंवलाघाट इलाके में एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां 36 वर्षीय लाइनमैन मनोज कुमार की बिजली के पोल पर काम करते समय करंट लगने से मौत हो गई। यह घटना सुबह करीब 10 बजे गोरंगघाटी क्षेत्र के बकसील गांव के पास हुई, जब मनोज कुमार ने 11 केवी हाईटेंशन लाइन की खराबी को दूर करने के लिए पोल पर चढ़कर काम शुरू किया था।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आंवलाघाट पंपिंग योजना की बिजली सप्लाई में पिछले दो दिनों से खराबी थी, जिससे क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही थी। मनोज कुमार को बिजली की खराबी दूर करने की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने विधिवत शटडाउन लेने के बाद काम शुरू किया, लेकिन इसी दौरान अचानक लाइन में करंट आ गया और मनोज इसकी चपेट में आ गए। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस हादसे से मनोज के परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। बताया जा रहा है कि मनोज की तीन बेटियां हैं और उनकी सबसे छोटी बेटी का नामकरण संस्कार हुआ था। नामकरण की रस्म पूरी करने के बाद मनोज काम के लिए निकले थे। कुछ समय बाद ही परिवार को उनकी मौत की खबर मिली। मनोज अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य बताए जा रहे हैं। उनकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और यूपीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम कराया और इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया। यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता डीके बिष्ट ने कहा कि घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर ऊर्जा निगम के प्रति नाराजगी भी सामने आई है। दी गई जानकारी के मुताबिक पिथौरागढ़ जिले में पिछले करीब एक दशक के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में करंट लगने से 10 लाइनमैन की मौत हो चुकी है।
