थल‑पिथौरागढ़ मार्ग पर तेज़ बोलेरो की लुढ़क, एक पेड़ बचाया सात यात्रियों की जान

मंगलवार को थल‑पिथौरागढ़ राजमार्ग पर एक भयावह दुर्घटना घटित हुई, जिससे स्थानीय लोगों की तेज़ प्रतिक्रिया और एक बड़े पेड़ ने सात यात्रियों की जान बचा ली। सुवालेख‑भौड़ी के बीच बिछुल के पास तेज़ी से चल रही बोलेरो, अचानक नियंत्रण से बाहर हो गई और लगभग 30 मीटर गहरी खाई की ओर लुढ़कने लगी। भाग्यशाली रूप से, वाहन एक बड़े पेड़ से टकरा कर रुक गया, जिससे पूरी तरह खाई में गिरने से बचा। इस अटकल में, ड्राइवर सहित सात लोग सवार थे, जिनमें से तीन की स्थिति गंभीर बताई गई।

दुर्घटना के समय ड्राइवर दीपांकर (लखतीगांव) और उसके साथ उसकी माँ मधु देवी, छोटे भाई निवेश कुमार, तथा मुवानी स्कूल की शिक्षिका संजौता कोहली भी मौजूद थीं। साथ ही, बझांग और नेपाल के निवासी दीपक चुनारा, हरीश कुमार और सुरेश ने थल से मशीनरी का सामान लेकर पिथौरागढ़ लौटने की कोशिश की थी। सभी ने बताया कि बोलेरो की रफ़्तार अत्यधिक थी और रास्ते में एक अन्य वाहन खड़ा होने के कारण चालक को नियंत्रण बनाए रखने में कठिनाई हुई, जिससे वाहन खाई की ओर धकेल दिया गया।

घायलों को तुरंत स्थानीय लोगों ने प्राथमिक उपचार दिया और निजी वाहनों से पिथौरागढ़ ले जाने की कोशिश की। 108 एम्बुलेंस के आगमन से सभी को जिला अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी.पी. सिंह ने सर्जन, ईएनटी विशेषज्ञ और अन्य चिकित्सकों को तैनात कर आपातकालीन उपचार शुरू किया। वर्तमान में सभी सात घायल मरीजों की स्थिति स्थिर है और डॉक्टरों ने उन्हें “ठीक” बताया है, हालांकि तीन गंभीर रूप से घायल हैं और निरंतर निगरानी में हैं।

इस दुर्घटना ने फिर से सड़क सुरक्षा के मुद्दे को उजागर किया। थल‑पिथौरागढ़ मार्ग अपने मोड़ों और खाइयों के कारण अक्सर जोखिमपूर्ण माना जाता है, और स्थानीय प्रशासन से इस पर विशेष संकेत, गति सीमा का कड़ाई से पालन और नियमित रख‑रखाव की मांग की जा रही है। जबकि एक पेड़ ने इस बार सात जीवों को बचाया, विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ड्राइवरों को गति नियंत्रण, वाहन लोडिंग मानकों और रास्ते में खड़े वाहनों से दूरी बनाए रखने की आवश्यकता है। यह घटना न केवल एक चेतावनी है, बल्कि स्थानीय समुदाय की तत्परता और सहयोग का भी प्रमाण है, जिसने इस आपदा को बड़ी त्रासदी में बदलने से रोका।

Original Title: उत्तराखंड: पेड़ बना 7 लोगों का रक्षक! 30 मीटर खाई में लुढ़की बोलेरो, ऐसे बची सभी की जान

Original Content: Accident | Pithoragarh | Road Safety : थल-पिथौरागढ़ मार्ग पर मंगलवार को बड़ा हादसा होने से टल गया। सुवालेख-भौड़ी के बीच बिछुल के पास तेज रफ्तार बोलेरो अचानक अनियंत्रित होकर करीब 30 मीटर खाई की ओर लुढ़क गई। गनीमत रही कि वाहन एक पेड़ से अटक गया और खाई में पूरी तरह गिरने से बच गया।
हादसे के समय बोलेरो में चालक समेत सात लोग सवार थे। दुर्घटना में सभी सात लोग घायल हुए हैं। इनमें तीन घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों की मदद की और निजी वाहनों से उन्हें पिथौरागढ़ लाने की कोशिश की। रास्ते में 108 एंबुलेंस मिलने के बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस के अनुसार घायलों में बझांग, नेपाल निवासी दीपक चुनारा, हरीश कुमार और सुरेश शामिल हैं। ये लोग थल से मशीन का सामान लेकर पिथौरागढ़ लौट रहे थे। घायलों ने बताया कि बोलेरो की रफ्तार तेज थी। सड़क के ऊपर एक दूसरा वाहन खड़ा होने के कारण चालक को वाहन नियंत्रित करने में परेशानी हुई और बोलेरो खाई की तरफ चली गई।
वाहन में लखतीगांव, डीडीहाट निवासी चालक दीपांकर, उनकी मां मधु देवी, छोटे भाई निवेश कुमार और मुवानी स्कूल में तैनात संजौता कोहली भी सवार थीं।
हादसे की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में चिकित्सकों को अलर्ट कर दिया गया। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीपी सिंह के अनुसार सर्जन, ईएनटी सर्जन समेत अन्य चिकित्सकों को घायलों के उपचार के लिए तैनात किया गया। सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है और फिलहाल उनकी स्थिति ठीक बताई गई है।
इस हादसे में एक पेड़ सात लोगों के लिए जिंदगी बचाने वाला साबित हुआ। अनियंत्रित बोलेरो करीब 30 मीटर खाई की ओर लुढ़कने के बाद पेड़ में अटक गई। अगर वाहन सीधे खाई में गिर जाता तो हादसा और गंभीर हो सकता था। पेड़ के सहारे वाहन रुकने से सभी सात लोगों की जान बच गई…हालांकि सभी को चोटें आई हैं।