उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक हृदयस्पृश और गंभीर घटना ने समाज में हलचल मचा दी है, जहां एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर तीन तलाक देने के बाद ‘हलाला’ की गंदी शर्त रखने का चार्ज लगाया है। पटेल नगर कोतवाली क्षेत्र में दर्ज इस मामले में, पीड़िता का आरोप है कि विवाह के करीब ढाई साल बाद उससे अलगाव के बाद वापसी के लिए उसे अपने बहनोई के साथ हलाला की प्रक्रिया से गुजरने का दबाव डाला गया। इस घटनाक्रम के दौरान महिला को ससुराल में मारपीट भी करवाई गई, जिसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
मामले की विजय पटेल नगर पुलिस प्रभारी नरेश राठौर ने जानकारी देते हुए बताया कि शिकायत के आधार पर पति फरमान और उसके परिजनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 115(2), 85 और मुस्लिम विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति फरमान को गिरफ्तार किया है और अब मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस ने पीड़िता द्वारा प्रस्तुत किए गए मोबाइल संदेशों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण करने का भी संकेत दिया है।
शिकायत के अनुसार, पीड़िता का निकाह करीब ढाई साल पहले बिजनौर जिले के इस्लामपुर निवासी फरमान से हुआ था। विवाह के बाद दोनों देहरादून में किराए के मकान में रहने लगे थे। हालांकि, करीब चार महीने पहले पति ने अचानक उसे तीन तलाक दे दिया, जिस समय पति की बहन भी मौजूद थी। तलाक के बाद महिला अपने मायके चली गई, जहां उसने वैवाहिक जीवन बचाने के लिए अपनी-अपनी कोशिशें कीं, लेकिन पति की ओर से कभी भी स्पष्टता नहीं बनी।
14 जुलाई को पीड़िता ने पुनर्मिलन की आशा में पति के गांव स्थित ससुराल में वापसी की, जहां से उसे वापसी की गुहार लगाने के बाद मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। बहनों के पास वापस आने के कुछ समय बाद जब पति देहरादून पहुंचा, तो उसने माफी मांगने के बाद फिर से साथ रहने की बात कही। लेकिन, पीड़िता का आरोप है कि इस बार वापसी की शर्त के रूप में उस पर अपने बहनोई के साथ हलाला की प्रक्रिया पूरी करने का दबाव बनाया गया। इस अमानवीय मांग का विरोध करते हुए महिला ने पुलिस की शरण ली, जिसके चलते वह अभी भी गहरे मानसिक तनाव से जूझ रही है और न्याय व सुरक्षा की मांग कर रही है।
