संसकृत में भी सरकारी नामपट्ट, मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं पर सचिव ने जोर दिया

संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के सचिव दीपक कुमार ने आज विकास भवन सभागार में मंडल और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ एक व्यापक बैठक बुलाई। बैठक का मुख्य उद्देश्य शासन की प्राथमिकताओं और चल रहे विकास योजनाओं की प्रगति का विस्तृत पुनरावलोकन करना था। सचिव ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री द्वारा घोषित योजनाओं के शीघ्र कार्यान्वयन, जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण और विकास कार्यों में गुणवत्ता व समयबद्धता बनाए रखने पर बल दिया।

सचिव ने बैठक के दौरान एक नया निर्देश भी दिया: “सरकारी दफ्तरों के नामपट्ट अब संस्कृत में भी होंगे।” इस आदेश के अनुसार, मंडल और जिला स्तर के सभी विभागीय कार्यालयों के नामपट्ट पर संस्कृत भाषा का भी अंकन कराया जाएगा, ताकि सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा दिया जा सके और प्रशासनिक दस्तावेजों में बहुभाषी पहचान स्थापित हो सके।

जनगणना की तैयारियों पर चर्चा करते हुए दीपक कुमार ने बताया कि दूसरा चरण शीघ्र आरम्भ हो जाएगा और इसके लिए सितंबर से प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ होंगे। बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने ने विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें वित्तीय आवंटन और कार्यान्वयन की स्थिति को स्पष्ट किया गया।

लंबित शिकायतों पर नज़र रखने के निर्देश भी दिए गए। सचिव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए कहा कि “लंबित शिकायतों पर नियमित नजर रखी जानी चाहिए और अधिक शिकायत वाले विभागों में तेजी से निस्तारण किया जाना चाहिए।” मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने बताया कि डीएम द्वारा हर सोमवार को सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा की जाती है, जिससे समय पर समाधान संभव होता है। इसके अलावा, सचिव ने मंडलीय अधिकारियों को कार्यक्रम क्रियान्वयन के तहत विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों का रोस्टर समय पर उपलब्ध कराने और ‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम की सूचनाएं नियमित रूप से भेजने का निर्देश भी दिया। ‘भयमुक्त समाज’ और ‘हमारा संकल्प अनुशासित प्रदेश’ की प्रगति पर भी चर्चा हुई।

अंत में, सचिव ने अधिकारियों के रात्रि विश्राम की सलाह भी दी, ताकि वे जनता दरबार और चौपाल में अपनी उपस्थिति को प्रभावी बना सकें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में रुकने से अधिकारी स्थानीय परिस्थितियों और लोगों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। साथ ही, अधीनस्थ कार्यालयों का नियमित निरीक्षण करने तथा सरकारी कामकाज में ई-ऑफिस व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया।

Original Title: सरकारी दफ्तरों के नामपट्ट अब संस्कृत में भी होंगे, शासन ने दिए निर्देश
Original Content: संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के सचिव दीपक कुमार ने विकास भवन सभागार में मंडल एवं जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर शासन की प्राथमिकताओं और विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता से पूरा करने, जनशिकायतों का जल्द निस्तारण करने और विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने पर जोर दिया।