उत्तराखंड सरकार ने अपने “मातृ‑पितृ तीर्थाटन योजना” के तहत वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक स्थलों की नि:शुल्क यात्रा प्रदान करने की पहल शुरू कर दी है। इस योजना के अंतर्गत 60 वर्ष तथा उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को प्रमुख तीर्थस्थलों—जैसे केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और अन्य पवित्र स्थानों—की यात्रा के साथ ही रहने‑खाने की पूरी व्यवस्था भी सरकार द्वारा पूरी की जाती है।
**मुख्य बिंदु**
– **लाभार्थी:** उत्तराखंड के निवासी, 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक।
– **यात्रा:** चयनित तीर्थस्थलों तक बस, टेंट या स्थानीय परिवहन के माध्यम से मुफ्त यात्रा।
– **आवास‑भोजन:** यात्रा के दौरान सरकारी आवासीय सुविधाओं में मुफ्त ठहराव और दो भोजन प्रदान किए जाते हैं।
– **आवेदन प्रक्रिया:** इच्छुक वरिष्ठ नागरिक अपने नजदीकी जिला पर्यटन कार्यालय या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण के साथ आयु प्रमाण, पहचान पत्र और निवास प्रमाण जमा करना अनिवार्य है।
– **सुरक्षा एवं स्वास्थ्य:** यात्रा के दौरान डॉक्टर की देखरेख, प्राथमिक चिकित्सा किट और आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
यह योजना न केवल बुजुर्गों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है, बल्कि उन्हें आर्थिक बोझ से मुक्त करके उनके स्वास्थ्य और मनोबल को भी सुदृढ़ करती है। उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि इस पहल से वरिष्ठ नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा और उन्हें अपने पवित्र धरोहरों का आनंद बिना किसी वित्तीय तनाव के मिल सकेगा।
अधिक जानकारी और आवेदन फॉर्म के लिये राज्य पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी पर्यटन कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
