सोशल मीडिया आर्टिस्ट बनें, घर बैठे कमाएं पैसे: उत्तराखंड सरकार का 20 युवाओं के लिए ‘एक्सपीरियंस लर्निंग’ का नया प्रयोग

उत्तराखंड के डिजिटल कंटेंट क्रिएटरों और सोशल मीडिया एक्टिव युवाओं के लिए सरकार की ओर से एक बड़ी सौगात सामने आई है। राज्य सरकार का यह नया प्रस्ताव, जिसे राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है, युवाओं को रील बनाने और डिजिटल प्रमोशन के कामों के बदले प्रति माह 5,000 रुपये का मानदेय देगा। यह पहल ‘डिजिटल युवा महोत्सव 2026-27’ के अंतर्गत लॉन्च किए जा रहे ‘एक्सपीरियंस लर्निंग प्रोग्राम’ का हिस्सा है।

यह दो माह का विशेष इंटर्नशिप कार्यक्रम मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा के जारी शासनादेश के तहत युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग की ओर से संचालित किया जाएगा। इसका मकसद युवाओं को प्रशासनिक कार्य, खेल प्रबंधन और डिजिटल स्ट्रैटेजी का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना और उनके स्किल्स को और आगे बढ़ाना है। इस योजना को सफल बनाने के लिए सभी जिलाधिकारियों, जिला युवा कल्याण अधिकारियों और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अधिकारियों को त्वरित प्रचार और कार्यान्वयन के निर्देश दिए गए हैं।

**चयन और पात्रता के नियम**
इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण में राज्यभर से कुल 20 प्रतिभाशाली युवाओं का चयन किया जाएगा। चयन प्रक्रिया पारदर्शी होगी और यह डिजिटल युवा महोत्सव में पंजीकृत या सहभागी युवाओं के बीच ऑनलाइन आवेदन, स्क्रीनिंग और निर्धारित पात्रता के आधार पर होगी।

अभ्यर्थियों के लिए निम्नलिखित शर्तें अनिवार्य हैं:
1. उत्तराखंड का मूल निवासी होना जरूरी है।
2. किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में स्नातक/परास्नातक के छात्र होना चाहिए या स्नातकीय डिग्री होल्डर होना चाहिए।
3. डिजिटल गतिविधियों, सोशल मीडिया प्रबंधन और कंटेंट क्रिएशन में विशेष रुचि और दक्षता होनी चाहिए।

**मानदेय और दायितव**
प्रत्येक चयनित इंटर्न को इंटर्नशिप की दो माह की अवधि के दौरान 5,000 रुपये प्रति माह का मानदेय दिया जाएगा। सफलतापूर्वक कार्य पूरा करने पर उन्हें विभाग की ओर से आधिकारिक प्रमाण-पत्र और प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया जाएगा, जो उनके भविष्य की करियर में लाभकारी सिद्ध होगा।

इस प्रोग्राम के तहत युवाओं को विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में कई जिम्मेदारियां संभालनी होंगी, जिनमें शामिल हैं:
– डिजिटल युवा महोत्सव में युवाओं के पंजीकरण और वीडियो अपलोड में सहायता करना।
– ‘फिट उत्तराखंड ऐप’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए क्षेत्रीय स्तर पर जागरूकता फैलाना।
– विभागीय योजनाओं के प्रचार के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट, रील, वीडियो और अन्य रचनात्मक सामग्री तैयार करना।
– विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े आंकड़ों का संकलन और डिजिटल अभिलेखीकरण करना।

**मार्गदर्शन और निगरानी**
कार्यक्रम की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रत्येक इंटर्न के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो कार्य आवंटन, दैनिक मार्गदर्शन और प्रदर्शन की समीक्षा करेगा। इसके अलावा, प्रगति की समीक्षा के लिए प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे और शाम 5:30 बजे दो वर्चुअल बैठकें आयोजित की जाएंगी। इस पहली चरण के संचालन के लिए सरकार ने 2.6 लाख रुपये का बजट अलग से तय किया है।