भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आयोग ने 2022 के विधानसभा चुनाव में भाग लेने वाले चार उम्मीदवारों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 10के के तहत तीन साल के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया है। यह निर्णय उन उम्मीदवारों के खिलाफ उठाए गए शिकायतों और उनके चुनावी दस्तावेज़ों में पाए गए उल्लंघनों के बाद लिया गया। आयोग ने कहा कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाई चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। अब इन चार व्यक्तियों को 2027 तक किसी भी सार्वजनिक पद के लिए चुनाव में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम उत्तराखंड में राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकता है और बाकी पार्टियों को भी अपने उम्मीदवार चयन में अधिक सतर्कता बरतने का संकेत देगा।
उत्तराखंड में चुनाव से पहले EC ने चार उम्मीदवारों पर तीन साल का अयोग्यता प्रतिबंध लगाया
