नेपाल के भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के किनारे आई विनाशकारी बाढ़ ने व्यापक तबाही मचा दी है। तेज़ बहाव के कारण कई गांव बाढ़ में डूब गए, सड़कों, पुलों और घरों को गंभीर क्षति पहुँची है, जिससे बुनियादी सुविधाओं का संचालन बाधित हो गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में सैकड़ों लोगों की जान चली गई है और बड़ी संख्या में नागरिक अभी भी लापता हैं। बचाव दल और राहत कर्मी प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को बचाने तथा आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए कार्यरत हैं।
इसी बीच, भारत के उत्तराखंड राज्य में भी बाढ़ के जोखिम को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। राज्य सरकार ने संभावित आपातकालीन स्थितियों के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, ताकि प्रभावित नागरिक तुरंत मदद की मांग कर सकें। स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ चेतावनी जारी कर, निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित होने की सलाह दी है। राहत कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों के अधिकारी आपसी सहयोग की व्यवस्था कर रहे हैं।
