बदरीनाथ व राम मंदिर में दान हेराफेरी के दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई-पूर्व मंत्री

बदरीनाथ व राम मंदिर में दान हेराफेरी के दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई-पूर्व मंत्री
ख़बर शेयर करे :
Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates and guides.
Add as preferred source on Google

The post बदरीनाथ व राम मंदिर में दान हेराफेरी के दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई-पूर्व मंत्री appeared first on Avikal Uttarakhand.

पूर्व मंत्री विजय बड़थ्वाल ने उठाए सवाल

मंदिरों में पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग

अविकल उत्तराखंड

देहरादून/यमकेश्वर। बदरीनाथ धाम और अयोध्या के राम मंदिर में दान एवं चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामलों को जोड़ते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री विजय बड़थ्वाल ने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ गंभीर विश्वासघात बताया है।
उन्होंने कहा कि मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित दान केवल धन नहीं, बल्कि उनकी आस्था और विश्वास का प्रतीक है। ऐसे में दोनों मामलों की निष्पक्ष, समयबद्ध और पारदर्शी जांच कर दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

उन्होंने विशेष रूप से बदरीनाथ धाम प्रकरण को देवभूमि की प्रतिष्ठा से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोषियों को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में विजय बड़थ्वाल ने कहा कि बदरीनाथ धाम में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड सरकार ने आरोपी कर्मचारी को निलंबित किया, प्राथमिकी दर्ज कराई और गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की।

उन्होंने कहा कि जांच पूरी निष्पक्षता से होनी चाहिए और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के माध्यम से सामने आए तथ्यों में मंदिर समिति के कुछ सदस्यों को यात्रा एवं दैनिक भत्तों के भुगतान में अनियमितताओं के आरोप भी सामने आए हैं।
इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि मंदिर प्रशासन की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।
बड़थ्वाल ने कहा कि बदरीनाथ धाम केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां की व्यवस्थाओं पर उठने वाले प्रश्न देवभूमि की छवि को प्रभावित करते हैं। इसलिए सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जांच निर्धारित समय में पूरी हो और दोषियों के विरुद्ध उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए।

उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर में दान हेराफेरी के मामले का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वहां सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं और मामले की जांच एसआईटी कर रही है। उनके अनुसार, दोनों घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि देश के प्रमुख मंदिरों में दान प्रबंधन की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनाने की आवश्यकता है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व पर उन्हें पूरा विश्वास है। उनका कहना है कि तीनों सरकारों ने मामलों के सामने आते ही त्वरित कार्रवाई की है और दोषियों को बचाने के बजाय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

विजय बड़थ्वाल ने इस पूरे प्रकरण को अपने परिवार के लिए भी भावनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि उनके दिवंगत पति चंद्र मोहन बड़थ्वाल बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे थे और उन्होंने पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। उनके लिए बदरीनाथ धाम केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सेवा और आस्था का केंद्र था। ऐसे में उसी संस्था के संबंध में अनियमितताओं के आरोप सामने आना अत्यंत पीड़ादायक है।

उन्होंने मांग की कि बदरीनाथ धाम की जांच समिति अपनी रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से सार्वजनिक करे और यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता या दान में हेराफेरी सिद्ध होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही राम मंदिर की एसआईटी जांच को भी तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए।

बड़थ्वाल ने देश के सभी प्रमुख मंदिरों में दान प्रबंधन के लिए सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल काउंटिंग, नियमित ऑडिट और पारदर्शी लेखा प्रणाली लागू करने की मांग की। उन्होंने मंदिर ट्रस्टों और समितियों के लिए एक समान राष्ट्रीय नीति बनाने तथा मंदिरों के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि आस्था किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति की नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की धरोहर है। इसलिए मंदिरों की पवित्रता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए भ्रष्टाचार और अनियमितता के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जानी चाहिए। दोषी चाहे किसी भी पद पर हो, उसे कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

The post बदरीनाथ व राम मंदिर में दान हेराफेरी के दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई-पूर्व मंत्री appeared first on Avikal Uttarakhand.

Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates and guides.
Add as preferred source on Google
×