होमगार्ड विभाग में वर्दी घोटाला, 1 करोड़ की वर्दी 3 करोड़ में खरीदी, जांच शुरू

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होमगार्ड विभाग में सामने आए वर्दी घोटाले को लेकर गृह विभाग ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में डिप्टी कमांडेंट जनरल अमिताभ श्रीवास्तव पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि उन्होंने अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए करीब एक करोड़ रुपये की वर्दी और अन्य सामग्री की खरीद तीन करोड़ रुपए में कराई।

डिप्टी कमांडेंट जनरल पर 1 करोड़ की वर्दी 3 करोड़ में खरीदने के आरोप

कमांडेंट जनरल होमगार्ड पीवीके प्रसाद ने विभागीय स्तर पर कराई गई जांच के बाद इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने शासन को भेजी गई रिपोर्ट में अमिताभ श्रीवास्तव को सेवा से बर्खास्त करने, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और दो करोड़ की रिकवरी की संस्तुति की है।

डिप्टी कमांडेंट जनरल ने किया अपने पद का दुरुपयोग

गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि इस संबंध में करीब 15 दिन पहले कमांडेंट जनरल होमगार्ड का पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं की जानकारी दी गई थी। पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि डिप्टी कमांडेंट जनरल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए वर्दी और अन्य सामान की खरीद में भारी अनियमितताएं की हैं। शासन स्तर पर अधिकारियों की एक टीम गठित कर जांच शुरू कर दी गई है।

ऐसे हुआ घोटाले का पर्दाफाश

जानकारी के अनुसार ये अनियमितताएं वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान हुई। जब वर्ष 2025-26 में उन्हीं दरों पर दोबारा टेंडर जारी किया गया, तब कमांडेंट जनरल पीवीके प्रसाद को दरों में भारी गड़बड़ी का संदेह हुआ। टेंडर दरों की बाजार भाव से तुलना करने पर अंतर इतना ज्यादा था कि तत्काल टेंडर निरस्त कर दिया गया।

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विभागीय जांच में यह भी सामने आया है कि डिप्टी कमांडेंट जनरल अमिताभ श्रीवास्तव ने ठेकेदार के साथ मिलीभगत कर बाजार मूल्य से करीब तीन गुना अधिक दामों पर सामान की खरीद कराई। अधिकारियों और ठेकेदार के गठजोड़ के चलते एक करोड़ रुपये के सामान का बिल तीन करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया गया।

घोटाला उजागर होते ही लगाई खरीद पर तत्काल रोक

जांच में सामने आया कि 130 रुपए में मिलने वाला डंडा 375 रुपए में खरीदा गया, 500 रुपए के जूते 1500 में, 1200 रुपये की पैंट-शर्ट 3000 रुपए में और 500 रुपए की जैकेट 1580 रुपये में खरीदी गई। जब बाजार से कोटेशन मंगवाए गए तो स्पष्ट हो गया कि लगभग हर आइटम तीन गुना दाम पर खरीदा जा रहा था। घोटाले के खुलासे के बाद कमांडेंट जनरल ने विभाग में वर्दी और अन्य सामान की खरीद पर तत्काल रोक लगा दी है। फिलहाल शासन स्तर पर गठित टीम पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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