📅 Thursday, 29 October 2026 ⛅ 24°C नैनीताल / देहरादून 📈 SENSEX +420.5 (82,140)
Ad Space (728x90) - Appearance > Customize > Ad Placements
होम » खबरनामा » कुमाऊं में मौसम का ड्रामा: 15-16 अक्टूबर से बढ़ेगी बारिश और ऊंचाइयों में बर्फबारी की संभावना

कुमाऊं में मौसम का ड्रामा: 15-16 अक्टूबर से बढ़ेगी बारिश और ऊंचाइयों में बर्फबारी की संभावना

उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के प्रेमी अब मौसम में एक नया मोड़ देखने की तैयारी करें, क्योंकि मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, क्षेत्र में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। 15 और 16 अक्टूबर को मंडल के कई विभागों में हल्की से मध्यम श्रेणी की बारिश हो सकती है, जो मौसम के मौजूदा स्थिर चरण को तोड़ेगी। यह बदलाव केवल निचले इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 3,800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है। इस मौसमी बदलाव के प्रारंभिक संकेत अब मैदानी क्षेत्रों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं, जिससे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

हल्द्वानी और ऊधमसिंह नगर जैसी प्रमुख शहरों में मौसम की नज़र बदलना शुरू हो चुका है। आसमान में बादलों का घना पंजा फैला हुआ है, जबकि सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का अहसास लोग कर रहे हैं। मौसम विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश शुरू होने के बाद तापमान में और गिरावट आने की संभावना है, जिससे सर्दियों का असली एहसास पहाड़ियों में जल्दी महसूस हो सकता है। यह मौसमी बदलाव क्षेत्र के सौंदर्य को और भी आकर्षक बना सकता है, हालांकि इससे यातायात और दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ना तय है।

पंतनगर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. ए.एस. नैन ने इस संभावित बदलाव पर विशेष ध्यान आकर्षित करते हुए पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को सचेत रहने की सलाह दी है। डॉ. नैन के अनुसार, ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और संभव बर्फबारी से आवागमन प्रभावित होने की उच्च संभावना है, जिससे यात्रा में देरी या मुश्किलें आ सकती हैं। उन्होंने तबदील मौसम के दौरान सुरक्षा उपायों की पालना करने और यात्रा से पहले स्थानीय रिपोर्ट्स जांचने की कड़ाई से अपील की है।

ऐसे में, जो लोग कुमाऊं के पहाड़ी क्षेत्रों में जाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें मौसम विभाग के जारी किए गए पूर्वानुमानों और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों पर नजर बनाए रखना चाहिए। यात्रा के दौरान मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर ही आगे बढ़ना उचित रहेगा, ताकि सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित हो सके। मौसम का यह बदलाव न केवल पर्यटकों के लिए, बल्कि स्थानीय बसियों के लिए भी सावधानी बरतने का संदेश लेकर आया है।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।