उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी शहर में भवन मानचित्र की स्वीकृति प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव आया है। जिला विकास प्राधिकरण (डीवीए) ने अब “सिंगल विंडो सिस्टम” लागू कर दिया है, जिससे नॉन‑ऑब्जेक्टिंग सर्टिफ़िकेट (एनओसी) के लिये आवेदकों को विभिन्न विभागों के कार्यालयों में अलग‑अलग जाकर दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। अब आवेदन एक ही स्तर—डीवीए—पर दाखिल होगा, और आवश्यक विभागों को ऑनलाइन माध्यम से सूचना‑पत्र भेजे जाएंगे। संबंधित विभाग अपनी रिपोर्ट या एनओसी सीधे डीवीए को भेज देंगे, जिससे काग़ज़ी काम कम होगा और प्रक्रिया तेज़ होगी।
भवन मानचित्र के लिये अक्सर पुलिस, अग्निशमन, वन, भू‑तत्व एवं खनिकर्म, ऊर्जा निगम और जल संस्थान जैसे कई विभागों की स्वीकृति आवश्यक होती है। पहले आवेदक को इन सभी विभागों से व्यक्तिगत रूप से मिलना, दस्तावेज़ जमा करना और फॉलो‑अप करना पड़ता था, जिससे समय और ऊर्जा दोनों की बर्बादी होती थी। नई व्यवस्था में यह सब डिजिटल माध्यम से हो जाएगा; आवेदक को केवल एक बार ऑनलाइन आवेदन करना है, और डीवीए की ओर से सभी आवश्यक विभागों को स्वचालित रूप से नोटिस भेजा जाएगा। विभागीय प्रतिक्रिया मिलने के बाद ही मानचित्र की स्वीकृति की अंतिम प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिये डीवीए के सचिव मनीष सिंह ने स्पष्ट किया कि आवासीय और व्यावसायिक दोनों प्रकार के भवन मानचित्रों के लिये अलग‑अलग समयसीमा निर्धारित की गई है। यदि आवासीय मानचित्र के लिये संबंधित विभाग सात दिनों के भीतर एनओसी नहीं जारी करता, तो उसे “डिम्ड एनओसी” माना जाएगा और मानचित्र की स्वीकृति जारी रहेगी। व्यावसायिक मानचित्र के लिये यह समय सीमा पंद्रह दिन रखी गई है; इसी अवधि में एनओसी न मिलने पर भी डिम्ड एनओसी के रूप में प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह प्रावधान राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप है, जिससे समय‑बद्ध, पारदर्शी और उत्तरदायी प्रणाली सुनिश्चित हो सके।
एकीकृत ऑनलाइन मंच न केवल आवेदकों के लिए सुविधा लाता है, बल्कि विभागों के बीच समन्वय को भी सुदृढ़ करता है। अब हल्द्वानी के नागरिकों को विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, और भवन मानचित्र स्वीकृति का काम कम समय में पूरा हो सकेगा। इस पहल से काग़ज़ी काम में कमी, भ्रष्टाचार की संभावनाओं में गिरावट और सार्वजनिक विश्वास में वृद्धि की उम्मीद है, जो स्थानीय विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
Original Title: नक्शा पास कराने के लिए नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर, हल्द्वानी में शुरू हुआ सिंगल विंडो सिस्टम
Original Content: Haldwani Building Map | Single Window System | Online NOC : नैनीताल जिले के हल्द्वानी शहर में भवन मानचित्र स्वीकृत कराने की प्रक्रिया अब पहले के मुकाबले आसान होने जा रही है। जिला विकास प्राधिकरण नैनीताल ने भवन मानचित्र से जुड़ी एनओसी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू कर दिया है। नई व्यवस्था के बाद लोगों को अलग-अलग विभागों के कार्यालयों में जाकर एनओसी लेने के लिए चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
अब भवन मानचित्र से संबंधित आवेदन प्राधिकरण के स्तर पर ही आगे बढ़ेगा। जिन विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी एनओसी की जरूरत होगी, उन विभागों को प्राधिकरण की ओर से ऑनलाइन माध्यम से पत्र भेजा जाएगा। संबंधित विभाग अपनी रिपोर्ट या एनओसी सीधे जिला विकास प्राधिकरण को उपलब्ध कराएंगे।
भवन मानचित्र की स्वीकृति के दौरान जरूरत के अनुसार पुलिस, अग्निशमन विभाग, वन विभाग, भू-तत्व एवं खनिकर्म विभाग, ऊर्जा निगम और जल संस्थान समेत अन्य संबंधित विभागों की एनओसी जरूरी हो सकती है। पहले आवेदक को इन विभागों से संपर्क कर अलग-अलग प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी।
नई व्यवस्था में आवेदक को इन विभागों के कार्यालयों में जाकर दस्तावेज जमा कराने और एनओसी के लिए अलग से भागदौड़ करने की जरूरत नहीं होगी। एनओसी की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से जिला विकास प्राधिकरण और संबंधित विभागों के बीच पूरी की जाएगी।
एक ही व्यवस्था से आगे बढ़ेगा आवेदन
सिंगल विंडो सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भवन मानचित्र स्वीकृति के लिए आवेदन एक ही स्तर से आगे बढ़ेगा। प्राधिकरण जरूरत के अनुसार संबंधित विभागों को एनओसी के लिए ऑनलाइन पत्र भेजेगा। इसके बाद विभाग अपनी रिपोर्ट सीधे प्राधिकरण को भेजेंगे।
इससे आवेदकों की भागदौड़ कम होने के साथ ही कागजी प्रक्रिया में भी कमी आने की उम्मीद है। प्राधिकरण का उद्देश्य भवन मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
जिला विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष सिंह के अनुसार, आवासीय और व्यावसायिक भवन मानचित्रों के लिए एनओसी की अलग-अलग समय सीमा तय की गई है।
आवासीय मानचित्र के मामले में अगर संबंधित विभाग सात दिन के भीतर एनओसी जारी नहीं करता है….तो उसे डीम्ड एनओसी माना जाएगा और आवासीय मानचित्र को स्वीकृति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
वहीं व्यावसायिक भवन मानचित्र के लिए संबंधित विभाग को एनओसी देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इस अवधि में एनओसी नहीं मिलने पर उसे डीम्ड एनओसी मानते हुए मानचित्र की स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
सरलीकरण के निर्देश के बाद लागू हुई व्यवस्था
प्राधिकरण के सचिव मनीष सिंह ने बताया कि भवन मानचित्रों की स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए शासन और मुख्यमंत्री स्तर से निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में पहले से मौजूद ऑनलाइन व्यवस्था को एनओसी प्रक्रिया से जोड़ा गया है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद भवन मानचित्र स्वीकृति के लिए लोगों को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही एनओसी की प्रक्रिया ऑनलाइन होने से आवेदन की निगरानी और विभागों के बीच समन्वय भी आसान हो सकता है।
सरल शब्दों में समझें तो अगर तय समय सीमा के भीतर संबंधित विभाग की ओर से एनओसी जारी नहीं की जाती है…तो निर्धारित नियमों के तहत उसे एनओसी प्राप्त होने के समान माना जाएगा। आवासीय मामलों में यह अवधि सात दिन और व्यावसायिक मामलों में 15 दिन बताई गई है।
हल्द्वानी में लागू इस व्यवस्था का उद्देश्य भवन मानचित्र स्वीकृति से जुड़ी प्रक्रिया को कम समय में पूरा करना और आवेदकों की अनावश्यक भागदौड़ कम करना है।
