रुद्रप्रयाग से आज बड़ी खबर सामने आई है। रविवार शाम को केदारनाथ पगडंडी पर चिरबासा के पास स्थित पहाड़ी से भारी पत्थर और मलबा बरस पड़ा, जिससे एक पाँच साल का बच्चा, यश पुत्र रोहताश यादव, निवासी उत्तर प्रदेश, मौके पर ही प्राण खो बैठा। यह दुर्घटना केदारनाथ के पगडंडी पर हुई, जहाँ हजारों तीर्थयात्री हर वर्ष दर्शन के लिये आते हैं।
मृत्यु के बाद, तैनात रेस्क्यू टीम ने बच्चे के शव को पालकी से एमआरपी भैरव मंदिर जंगलचट्टी पहुँचाया। उसी समय, पगडंडी पर फंसे हुए कई श्रद्धालु भी थे, जिनकी सुरक्षा के लिये SDRF और NDRF की संयुक्त टीम ने देर शाम रेस्क्यू अभियान चलाया। उन्होंने जंगलचट्टी क्षेत्र में रुके भक्तों को सुरक्षित रूप से मार्ग के दूसरी ओर ले जाकर गौरीकुंड की ओर भेजा।
मंदिर और पगडंडी के अधिकारी ने बताया कि पगडंडी को बंद कर दिया गया था, जिससे कई श्रद्धालु फँस गए थे। कार्यदायी संस्था ने आज सुबह पगडंडी का मार्ग दुरुस्त कर दिया, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएँ न हों।
यह घटना उत्तराखंड के मौसम के अस्थिर होने के बीच हुई, जब IMD ने 28 सितंबर को भी इसी क्षेत्र में खराब मौसम की चेतावनी जारी की थी। केदारनाथ के पगडंडी पर सुरक्षा और निगरानी को और सुदृढ़ करने के लिए स्थानीय प्रशासन को कदम उठाने का आह्वान किया जा रहा है।
इस दुखद घटना ने धार्मिक पर्यटन के दौरान सुरक्षा के महत्व पर एक बार फिर प्रकाश डाला है, और यह स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिये त्वरित रेस्क्यू और पूर्व-निर्धारित मार्ग सुरक्षा अत्यावश्यक है।
Original Title: केदारनाथ पैदल मार्ग पर बड़ा हादसा: पहाड़ी से गिरे पत्थर और मलबा, पांच साल के बच्चे की मौत
Original Content: रुद्रप्रयाग से बड़ी खबर सामने आ रही है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर चिरबासा के पास रविवार शाम पहाड़ी से भरभराकर भारी भरकम पत्थर और मलबा आ गिरे। जिसकी चपेट में आने से पांच साल के बच्चे की मौत हो गई।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर पांच साल के बच्चे की मौत
हादसा रविवार शाम का बताया जा रहा है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास पहाड़ी से भारी भरकम पत्थर और मलबा आ गिरा। जिसकी चपेट में आने से पांच साल के यश पुत्र रोहताश यादव निवासी उत्तर प्रदेश की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर तैनात रेस्क्यू टीम ने बच्चे के शव को पालकी से एमआरपी भैरव मंदिर जंगलचट्टी पहुंचाया।
बाधित मार्ग को किया दुरुस्त
बता दें मार्ग बाधित होने के चलते देर शाम कई श्रद्धालु वही फंस गए थे। देर रात SDRF और NDRF की टीमों ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर जंगलचट्टी क्षेत्र में रुके श्रद्धालुओं को बाधित क्षेत्र से सुरक्षित पार कराते हुए गौरीकुंड की ओर भेजा। आज सुबह होते ही कार्यदाई संस्था द्वारा मार्ग को दुरुस्त किया।
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