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खड़गे का विवादास्पद बयान: चुनावी वैधता पर सवाल, उत्तराखंड में भी “गैरकानूनी” मतदान की अफ़वाहें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हाल ही में एक तीखा बयान दिया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों को “अवैध” घोषित किया। खड़गे ने कहा कि पूरे देश में हुए चुनावों को रद्द कर दिया जाना चाहिए और आगामी लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं के चुनावों को बैलेट‑पेपर के माध्यम से आयोजित किया जाना चाहिए। यह टिप्पणी उस समय आई जब चुनाव आयोग और चयनित मतदान प्रणाली (SIR) को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर प्रश्न उठ रहे थे। खड़गे ने ईवीएम की विश्वसनीयता को चुनौती देते हुए कहा, “यदि लोकतंत्र को बचाना है तो बैलेट पेपर ही एकमात्र भरोसेमंद विकल्प है।” इस बयान ने राजनीति के दायरे को व्यापक रूप से हिला दिया और विभिन्न राजनीतिक दलों व नागरिक समूहों से तीखी प्रतिक्रिया को आमंत्रित किया।

उसी क्रम में उत्तराखंड में भी “गैरकानूनी” मतदान की खबरें उभरीं। राज्य में SIR के बाद कुल 13.95 लाख वोट कटे और 1.29 लाख नए मतदाता जोड़े गए, जिससे कुल मतदाता संख्या 71,58,949 पर पहुंच गई। यह आंकड़ा 2024 के लोकसभा चुनाव में दर्ज 84,31,101 मतदाताओं से काफी कम है, जिससे जनता में यह सवाल उठ रहा है कि इतने बड़े अंतर का कारण क्या है। विपक्षी नेताओं ने लगातार ईवीएम की पारदर्शिता पर संदेह जताते हुए कहा, “यदि मतदाता सूची में इतनी बड़ी गड़बड़ी है, तो चुनावी प्रक्रिया की वैधता पर पुनर्विचार आवश्यक है।”

खड़गे के इस बयान ने न केवल केंद्र सरकार को बल्कि उत्तराखंड की राज्य सरकार को भी घेर लिया है। कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर खाते ने “मोदी, शाह और सभी मुख्यमंत्री ‘अवैध’ हैं; सरकारें भंग कर बैलेट पेपर पर चुनाव कराए जाएँ” का संदेश साझा किया, जिससे सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छिड़ गई। विपक्षी दलों ने इस अवसर का फायदा उठाते हुए ईवीएम के उपयोग को रोकने और पारदर्शी बैलेट पेपर प्रणाली अपनाने की मांग की है। इस बीच, चुनाव आयोग ने अभी तक खड़गे के आरोपों पर कोई औपचारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन भविष्य में संभावित कानूनी कदमों की अटकलें लगाई जा रही हैं।

उत्तरी राज्य में 2024 के लोकसभा चुनाव में पाँच सांसदों के चयन की प्रक्रिया को लेकर भी कांग्रेस ने वैधता पर सवाल उठाया है। यदि खड़गे की मांगें लागू होती हैं, तो न केवल वर्तमान सरकार बल्कि आगामी चुनावी कैलेंडर भी पूरी तरह बदल सकता है। इस स्थिति में यह देखना बाकी है कि न्यायिक, प्रशासनिक और राजनैतिक संस्थाएँ इस विवाद को किस दिशा में ले जाएँगी और भारतीय लोकतंत्र की अखंडता को कैसे सुरक्षित रखा जाएगा।

Original Title: खड़गे ने PM को बताया अवैध, उत्तराखंड में भी गैरकानूनी तरीके से हुआ मतदान!

Original Content: देश में चुनाव आयोग पर उठते सवालों के बीच कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक ऐसा बयान दे दिया जिसने चुनावों की वैधता ही सवाल खड़ा कर दिया है। जिसके बाद उत्तराखंड में भी चुनावों को लेकर बड़ा घमासान शुरु हो गया है।

खड़गे ने पीएम और गृहमंत्री को बताया अवैध

दरअसल कर्नाटक के कलबुर्गी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि देश में हुए चुनाव ही अवैध हैं।मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह अवैध है। साथ ही उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी अवैध बताया।

बैलेट पेपर से हो चुनाव

इसके अलावा उन्होंने मांग की कि लोकसभा और सभी विधानसभाओं को भंग कर दिया जाए। इतना ही नहीं खड़ने ने EVM को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए और कहा कि आगे चुनाव बैलेट पेपर के जरिए होने चाहिए। मल्लिकार्जुन खड़गे का ये बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब SIR और चुनाव आयोग को लेकर पूरे देश में सवाल उठ रहे हैं।

• देश में illegal चुनाव हो रहे हैं• मोदी illegal प्रधानमंत्री हैं• शाह illegal गृह मंत्री हैं• सारे मुख्यमंत्री illegal हैंसरकारें भंग की जाएं और बैलेट पर चुनाव कराए जाएं। मोदी और शाह SIR के जरिए देश को बर्बाद कर रहे हैं, लोकतंत्र को खत्म करने में लगे हैं।: कांग्रेस… pic.twitter.com/viLDENy7nS— Congress (@INCIndia) October 3, 2026

उत्तराखंड में भी गैरकानूनी तरीके से हुआ मतदान!

उत्तराखंड में भी वैसे SIR के बाद कुल 13.95 लाख वोट कटे हैं और 1.29 लाख नए वोटर्स जुड़े हैं। जिसे लेकर लगातार राज्य की सियासत गरमाई हुई है। अगर हम 2024 के लोकसभा चुनाव को देखें तो उस वक्त कुल 84,31,101 थे, जिन्होंने राज्य में बीजेपी की सरकार बनाई थी।

इतने वोटर आखिर गए कहा?

लेकिन SIR के बाद राज्य में अब वोटर्स का ये जो नंबर है वो 71 लाख 58 हजार 949 हो गया। जिसके चलते लोग लगातार ये सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने ज्यादा अमाउंट में वोटर गए कहां। वहीं विपक्ष भी लगातार EVM को लेकर सवाल उठाता आया है।

हालांकि अब कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के इस बयान के बाद सवाल उठना लाजमी है कि क्या 2024 में हुआ चुनाव अवैध है? सवाल ये भी है कि जिस चुनावी प्रक्रिया के जरिए 2024 में उत्तराखंड के पांच सांसद चुने गए थे क्या कांग्रेस अब उस प्रक्रिया की वैधता पर भी सवाल उठा रही है?
Khabar Uttarakhand – Uttarakhand News.

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।