उत्तराखंड के एक उच्च अधिकारी, आईएएस बंशीधर तिवारी, ने हाल ही में अपने आधिकारिक सोशल‑मीडिया पोस्ट के माध्यम से एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके नाम और तस्वीर का उपयोग करके फेसबुक पर एक नकली प्रोफ़ाइल तैयार की है, जिससे आम जनता को गुमराह करने या आर्थिक धोखाधड़ी करने का प्रयास किया जा रहा है। इस तरह के फ़र्जी खाते अक्सर मित्र‑अनुरोध, निजी संदेश या सार्वजनिक पोस्ट के रूप में लोगों तक पहुँचते हैं, जिससे अनजाने में व्यक्तिगत जानकारी या वित्तीय डेटा साझा हो सकता है। तिवारी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि केवल नाम या तस्वीर देख कर किसी प्रोफ़ाइल को असली मानना खतरनाक हो सकता है; हर बार संदेहास्पद संदेश या अनुरोध मिलने पर स्रोत की पहचान की पुष्टि करना अनिवार्य है।
सावधानी बरतने के लिए तिवारी ने कई स्पष्ट निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील डेटा कभी नहीं देना चाहिए। यदि कोई संदिग्ध संदेश प्राप्त हो, तो उसका जवाब देने के बजाय तुरंत उस प्रोफ़ाइल को फेसबुक पर रिपोर्ट करें और आवश्यकतानुसार साइबर पुलिस या संबंधित प्राधिकारियों को सूचित करें। इस तरह की रिपोर्टिंग न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि भविष्य में समान धोखाधड़ी को रोकने में भी मदद करती है।
साइबर अपराधों में लगातार वृद्धि को देखते हुए, अधिकारी और नागरिक दोनों को सोशल‑मीडिया प्लेटफ़ॉर्म की नीतियों और सुरक्षा उपायों से परिचित होना आवश्यक है। तिवारी ने यह भी कहा कि अधिकारियों के नाम और पहचान का दुरुपयोग कर लोगों को फँसाने की कोशिशें बढ़ रही हैं, इसलिए सतर्क रहना और समय पर कार्रवाई करना सबसे प्रभावी उपाय है। इस चेतावनी के साथ उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे सामाजिक नेटवर्क पर किसी भी अनजाने संपर्क को गंभीरता से ले और आवश्यक कदम उठाते रहें, ताकि डिजिटल दुनिया में सुरक्षा का माहौल बना रहे।
Original Title: उत्तराखंड: आईएएस बंशीधर तिवारी के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी, लोगों को किया सतर्क
Original Content: किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके नाम का इस्तेमाल कर फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाई है। ऐसी प्रोफाइल के जरिए लोगों को गुमराह करने या ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसे देखते हुए लोगों को अनजान प्रोफाइल से आने वाले संदेशों और फ्रेंड रिक्वेस्ट को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
आईएएस बंशीधर तिवारी ने अपनी पोस्ट के जरिए लोगों को फर्जी आईडी से सावधान किया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी के नाम और तस्वीर को देखकर ही उसे असली न मानें। किसी भी संदिग्ध संदेश या अनुरोध पर भरोसा करने से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान की पुष्टि जरूर करें।
साइबर ठगी से बचने के लिए किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य निजी विवरण साझा न करें। अगर किसी फर्जी प्रोफाइल से संदिग्ध संदेश आता है….तो उसका जवाब देने के बजाय संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करें।
अधिकारियों के नाम और पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह करने की कोशिशों से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या साइबर पुलिस को दें।
