उत्तराखंड के कोटद्वार जिले में सोशल मीडिया पर एक विवादास्पद पोस्ट को लेकर शुरू हुआ वाद-विवाद अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। शुरुआत में इंटरनेट पर हुई बहस ही नहीं, बल्कि इसने स्थानीय व्यापारिक समुदाय और पुलिस प्रशासन को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया। एक स्थानीय व्यापारी की दर्ज शिकायत के बाद पुलिस ने दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद’ दीपक को गिरफ्तार किया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, मामले की गहन जांच के दौरान प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त धाराओं को भी जोड़ा गया है, जिससे इस घटना का कानूनी आकार और भी बड़ा हो गया है।
घटनाक्रम की शुरुआत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान मस्जिद के हटाए जाने से जुड़े एक संवेदनशील मामले पर दीपक कुमार द्वारा किए गए सोशल मीडिया पोस्ट से हुई थी। इस पोस्ट पर एक व्यापारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी, जिससे दोनों के बीच ऑनलाइन बहस तेज हो गई और आखिरकार यह विवाद ऑफलाइन भी फैल गया। इस घटनाक्रम का एक CCTV फुटेज भी सार्वजनिक हुआ है, जिसमें दीपक कुमार और व्यापारी के बीच जोरदार कहासुनी और नारेबाजी स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। इस वीडियो सामने आने के बाद स्थिति और गर्म हो गई, जिसके बाद व्यापारी संजीव टैंक ने कोटद्वार कोतवाली में तहरीर दर्ज कर पुलिस की सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2) और 352 के तहत प्रारंभिक मुकदमा दर्ज किया। हालांकि, जैसे-जैसे जांच गहराई में चली, पुलिस ने अपने विवेक का प्रयोग करते हुए BNS की धारा 196 और 115 को भी मामले में शामिल किया। अंततः, पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद’ दीपक को BNS की धारा 170 के तहत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आगे की कानूनी कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही की जाएगी, जिससे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान बरकरार रहे।
गिरफ्तारी की खबर मिलते ही स्थानीय व्यापारिक समुदाय में हलचल मच गई। बड़ी संख्या में व्यापारी कोतवाली के बाहर जमा हुए, जिनके बीच नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष प्रवीण भाटिया और महामंत्री नवीन गोयल भी मौजूद थे। व्यापारियों ने एक स्वर में पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की और कोतवाली में धरना देकर अपनी असंतोष जताया। उनका कहना था कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ कानून का पूरा पालन सुनिश्चित कराया जाए।
इस तनावपूर्ण स्थिति का निपटारा एएसपी मनोज ठाकुर के दौरे के बाद संभव हो सका। उन्होंने व्यापारियों से मिलकर उन्हें समझाया कि मामले में मुकदमा दर्ज है और पुलिस विभाग जांच के हर पहलू पर ध्यान दे रहा है। पुलिस के आश्वासन और स्पष्टीकरण के बाद व्यापारियों ने अपना धरना वापस ले लिया। पुलिस प्रशासन ने पुनः जोर दिया कि CCTV फुटेज और अन्य दस्तावेजों के आधार पर जांच जारी है और जांच के परिणामों के अनुसार ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि न्याय की प्रक्रिया में कोई कमी न रहे।
