उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सत्तारूढ़ सरकार के विरुद्ध विपक्ष ने एक व्यापक मोर्चा खड़ा किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशों और उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर, राज्य भर में 4 नवंबर को सुबह 10 वजे से शुरू होने वाला एक विशाल विरोध‑जागरूकता आंदोलन “भूमि बचाओ‑धामी हटाओ” आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी जमीनों के कथित बंदरबांट और निजी हाथों में हस्तांतरण को उजागर करना, साथ ही जनता को इस मुद्दे पर संगठित करना है। प्रदेश कांग्रेस ने सभी प्रमुख जनपदों और महानगरों में पार्टी के शीर्ष नेताओं एवं विधायकों को जिम्मेदारियों के साथ नियुक्त किया, ताकि प्रत्येक जिले में स्थानीय समस्याओं को प्रभावी रूप से उठाया जा सके।
प्रदेश महासचिव (संगठन) राजेंद्र सिंह भंडारी ने आधिकारिक पत्र में बताया कि इस आंदोलन के तहत विभिन्न जिलों में सरकारी संपत्तियों और जमीनों के विवादित मामलों को प्रमुखता दी जाएगी। कांग्रेस का आरोप है कि वर्तमान सरकार द्वारा मूल्यवान भूमि को अनदेखा कर निजी संस्थाओं को सौंपने की नीतियां अपनाई जा रही हैं, जिससे आम जनता के अधिकारों पर चोट पहुँच रही है। इस संदर्भ में, नैनीताल में पटवाडांगर की 13.64 एकड़ भूमि और ज्योलीकोट निरीक्षण भवन के मुद्दे को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सप्पल और जिलाध्यक्ष संभालेंगे। अल्मोड़ा और कटारमल के निरीक्षण भवनों को विधायक मनोज तिवारी, पूर्व विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल और जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में उठाया जाएगा।
रानीखेत में चौबटिया उद्यान पार्क व रानीखेत निरीक्षण भवन के विवाद को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और जिलाध्यक्ष समन्वय करेंगे, जबकि हल्द्वानी में रानीबाग स्थित एचएमटी की 53 एकड़ भूमि को विधायक तिलकराज बेहड़, विधायक सुमित हृदयेश और महानगर अध्यक्ष के साथ विरोध किया जाएगा। भीमताल में रामगढ़ की 15 एकड़ भूमि, रामगढ़ निरीक्षण भवन और रातीघाट कैंचीधाम निरीक्षण भवन के मुद्दे को उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, विधायक आदेश चौहान और जिलाध्यक्ष संभालेंगे। देहरादून‑ऋषिकेश में आईडीपीएल की 633 एकड़ भूमि को प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत और संबंधित जिलाध्यक्षों द्वारा उठाया जाएगा, जबकि देहरादून‑विकासनगर में डाकपत्थर की 180 एकड़ भूमि को प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में विरोध किया जाएगा। इसी तरह, मसूरी में जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट (पार्क एस्टेट, हाथीपांव) की लगभग 142 एकड़ भूमि को पीसीसी अध्यक्ष गणेश गोदियाल और जिलाध्यक्षों द्वारा मुद्दा बनाया जाएगा। टिहरी गढ़वाल में धनौल्टी की 247 एकड़ भूमि और कद्दूखाल निरीक्षण भवन को विधायक विक्रम सिंह नेगी, विधायक लखपत बुटोला और जिलाध्यक्षों के सहयोग से उठाया जाएगा। हरिद्वार में अलकनंदा होटल (हरकी पैड़ी) को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक ममता राकेश, अनुपमा रावत, विधायक रवि बहादुर और जिलाध्यक्षों को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि रानीपुर (हरिद्वार) में सलेमपुर महमूद की 21 एकड़ भूमि को विधायक फुरकान अहमद, विधायक बीरेंद्र जाति और जिलाध्यक्षों के नेतृत्व में विरोध किया जाएगा। इस व्यापक अभियान के माध्यम से कांग्रेस राज्य भर में सरकारी जमीनों के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और जनता की जागरूकता बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।
Original Title: अब उत्तराखंड में कांग्रेस का ‘भूमि बचाओ-धामी हटाओ’ अभियान: 4 नवंबर को सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस
Original Content: उत्तराखंड में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशों और उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर प्रदेश भर में राज्य सरकार द्वारा सरकारी जमीनों के कथित बंदरबांट के विरोध में 4 नवंबर सुबह 10.00 बजे से एक विशाल विरोध और जागरूकता अभियान “भूमि बचाओ-धामी हटाओ” आयोजित किया जा रहा है। इस राज्यव्यापी आंदोलन का संचालन करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा सभी प्रमुख जनपदों और महानगरों में पार्टी के शीर्ष नेताओं और विधायकों को प्रभारी नियुक्त किया गया है।
प्रदेश महासचिव (संगठन) राजेंद्र सिंह भंडारी की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, इस अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में प्रमुख सरकारी संपत्तियों और जमीनों के मुद्दों को उठाया जाएगा। कांग्रेस नेतृत्व का आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा कीमती जमीनों की अनदेखी व निजी हाथों में सौंपने की नीतियां चल रही हैं, जिसके विरोध में 4 नवंबर को पूरे राज्य में जनता के बीच जाकर यह उग्र प्रदर्शन किया जाएगा
विभिन्न जिलों में वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी
नैनीताल: पटवाडांगर की 13.64 एकड़ भूमि और ज्योलीकोट निरीक्षण भवन के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सप्पल और संबंधित जिलाध्यक्ष नेतृत्व करेंगे।
अल्मोड़ा: अल्मोड़ा और कटारमल के निरीक्षण भवनों के मामले में विधायक मनोज तिवारी, पूर्व विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल और जिलाध्यक्ष को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रानीखेत: चौबटिया उद्यान पार्क व रानीखेत निरीक्षण भवन से जुड़े विषय पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और जिलाध्यक्ष मोर्चा संभालेंगे।
हल्द्वानी: रानीबाग स्थित एचएमटी की 53 एकड़ भूमि से जुड़े मुद्दे पर विधायक तिलकराज बेहड़, विधायक सुमित हृदयेश और महानगर अध्यक्ष के नेतृत्व में विरोध होगा।
भीमताल: रामगढ़ की 15 एकड़ भूमि, रामगढ़ निरीक्षण भवन और रातीघाट कैंचीधाम निरीक्षण भवन के मुद्दे पर उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, विधायक आदेश चौहान और जिलाध्यक्ष को प्रभारी बनाया गया है।
देहरादून (ऋषिकेश): ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल की विशाल 633 एकड़ भूमि के मुद्दे को लेकर प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत और जिलाध्यक्ष व महानगर अध्यक्ष अभियान चलाएंगे।
देहरादून (विकासनगर): डाकपत्थर की 180 एकड़ भूमि के संबंध में प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह एवं जिलाध्यक्ष को कमान सौंपी गई है।
देहरादून (मसूरी): जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट (पार्क एस्टेट, हाथीपांव) की लगभग 142 एकड़ भूमि के प्रकरण पर पीसीसी अध्यक्ष गणेश गोदियाल और जिलाध्यक्ष अभियान का नेतृत्व करेंगे।
टिहरी गढ़वाल: धनौल्टी की 247 एकड़ भूमि और कद्दूखाल निरीक्षण भवन के मुद्दे पर विधायक विक्रम सिंह नेगी, विधायक लखपत बुटोला और जिलाध्यक्ष मोर्चा संभालेंगे।
हरिद्वार: हरकी पैड़ी स्थित अलकनंदा होटल के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक श्रीमती ममता राकेश, श्रीमती अनुपमा रावत, विधायक रवि बहादुर और जिलाध्यक्ष को जिम्मेदारी दी गई है।
रानीपुर (हरिद्वार): सलेमपुर महमूद की 21 एकड़ भूमि के मामले में विधायक फुरकान अहमद, विधायक बीरेंद्र जाति और जिलाध्यक्षगण अभियान की अगुवाई करेंगे।
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