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अल्मोड़ा : आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने ली समीक्षा बैठक


अल्मोड़ा।  आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत आपदा प्रबन्धन की तैयारियों को लेकर सभी संबंधित विभागों की एक बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया ।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि इस बार सामान्य से अधिक, लगभग 105 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में हम सभी को पूर्व से ही तैयार रहना होगा। बरसात शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं को पूरी तरह दुरुस्त कर लेना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आपदा के समय प्रभावी कार्रवाई के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। तहसील स्तर पर खोज और बचाव से जुड़े उपकरणों की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

थानों या तहसीलों में चेतावनी जारी करने के लिए सायरन की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना प्रसारित की जा सके।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सिविल डिफेंस मॉकड्रिल कराई जाए।

जिससे आपदा की वास्तविक स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों को भलीभांति समझें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि वह जिले की सड़कों की स्थिति पर बारीकी से निगरानी रखे और बंद कलवर्टों की समय पर सफाई कराना सुनिश्चित करे। खोज एवं बचाव उपकरण यदि कहीं कम हों, तो उनकी तत्काल खरीद की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के सभी आपदा नियंत्रण कक्ष पूरी तरह सक्रिय रहेंगे और संबंधित सभी मोबाइल नंबर चालू स्थिति में हों, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि जुलाई, अगस्त और सितंबर के महीने आपदा की दृष्टि से संवेदनशील होते हैं, इसलिए इन महीनों के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए।
तैयारियों के तहत अब तक 1204 ट्रेनी – जिनमें आईटीआई, फायरफाइटर, पीटीएस आदि संस्थानों से जुड़े युवा शामिल हैं – को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वर्ष 2025-26 के लिए स्कूलों, पूर्व सैनिकों, ग्राम प्रहरियों और पीआरडी के सदस्यों को भी आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित करना प्रस्तावित है ।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिले के सभी हेलीपैडों का निरीक्षण कर उन्हें चालू स्थिति में रखा जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में हवाई सेवाओं का प्रयोग संभव हो सके। साथ ही, खाद्यान्न और ईंधन का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि जो पूर्व सैनिक स्वेच्छा से आपदा सेवा में योगदान देना चाहें, उन्हें “आपदा मित्र” के रूप में नियुक्त कर आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाए। जिले में एसएसबी, आर्मी और आईटीबीपी की उपस्थिति है, उन्हें भी आपदा प्रबंधन को लेकर अपनी तैयारियां पूर्ण रखनी चाहिए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग सतर्क और सचेत रहें। बरसात के पानी की सुचारु निकासी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि जनहानि और धनहानि की संभावनाओं को न्यूनतम किया जा सके।
बैठक में डीएफओ दीपक सिंह, संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत राहुल आनंद, एसडीएम संजय कुमार, एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।