उत्तराखंड की राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ी घटनाक्रम का अध्याय रचने जा रहा है, जहां कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू (उर्फ पप्पू गिरधारी) के बीच चल रहे घरेलू विवाद और कानूनी جنگ ने नया मोड़ ले लिया है। उत्तर प्रदेश के झांसी में तैनात पुलिस ने शनिवार की सुबह गिरधारी साहू को गिरफ्तार कर लिया, जो कि कई दिनों से गिरफ्तारी से बचने के लिए इस इलाके में छिपे हुए थे। उनकी गिरफ्तारी के तुरंत बाद, विशेष जांच टीम (SIT) द्वारा उन्हें हिरासत में लिया गया और पूछताछ के लिए देहरादून की ओर रवाना कर दिया गया। यह कार्रवाई तब की गई जब संदिग्ध ने देहरादून की अदालतों में अग्रिम जमानत के लिए की गई अपनी याचिका खारिज हो चुकी थी, जिसके बाद उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।
इस मामले की कानूनी रीढ़ को समझने के लिए 15 अक्टूबर को देहरादून के कैंट थाने में दर्ज की गई शिकायत पर नजर रखना आवश्यक है। रेखा आर्य ने अपने पति के खिलाफ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न, मारपीट, जातिसूचक शब्दों के उपयोग और जान से मारने की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत में एक ऐतिहासिक घटना का भी उल्लेख है, जहां आरोप है कि वर्ष 2004 में गिरधारी साहू ने मंत्री के आवास पर कर्मचारियों के सामने अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया था। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश एवं SC-ST एक्ट की विशेष न्यायाधीश अंजलि बेंजवाल की अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि एफआईआर में उठाए गए आरोप प्रथम दृष्ट्या SC-ST एक्ट के तहत अपराधों की श्रेणी में आते हैं, जिन पर धारा 18 और 18A के तहत जमानत पर रोक लगती है।
विवाद की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शिकायत के कुछ समय बाद रेखा आर्य ने सोशल मीडिया पर दो ऑडियो रिकॉर्डिंग साझा कीं। इन रिकॉर्डिंग्स में गिरधारी साहू और कल्पना मिश्रा (उर्फ कल्पना चतुर्वेदी) के बीच बातचीत का दावा किया गया, जिसमें पैसे के लेन-देन, संपत्ति और मंत्री को नुकसान पहुंचाने की साजिशों को लेकर चर्चा हुई। हालांकि, गिरधारी साहू ने इन रिकॉर्डिंग्स को फर्जी बताते हुए यह दावा किया कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार की गई हैं। इसके जवाब में, उन्होंने रेखा आर्य पर लगभग 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया, हालांकि इन आरोपों की पुष्टि या खंडन केवल विस्तृत जांच के बाद ही संभव है।
प्रकरण की जांच के लिए SP ग्रामीण जया बलूनी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था, जिसने अब तक दस्तावेजों और साक्ष्यों की पड़ताल का काम शुरू किया है। टीम ने बरेली सहित अन्य स्थानों से भी जानकारी जुटाई है। इस पूरे कलह के दौर के दौरान, रेखा आर्य की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें देहरादून स्थित कृष्णा मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया था। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखते हुए घरेलू हिंसा के खिलाफ महिलाओं से आवाज उठाने की अपील भी की थी। अब सार्वजनिक ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि गिरधारी साहू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की तीव्र पूछताछ में कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं, जो इस जटिल कानूनी और सामाजिक विवाद को नई दिशा प्रदान कर सकते हैं।
