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भाकपा माले के सचिव को गलत नंबर से मिली चुनावी SMS, CEO ने दिया स्पष्ट जवाब

भाकपा (माले) के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी को रविवार शाम को बिना किसी आवेदन के, उनके वोटर लिस्ट में सुधार के लिए एक एसएमएस मिला। संदेश में बताया गया था कि उनके नाम पर फॉर्म‑8 भरा गया है और बीएलओ (BLO) प्रीति रानी को मोबाइल नंबर आवंटित किया गया है। मैखुरी ने तुरंत ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त, उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) और चमोली जिले के चुनाव अधिकारी को पत्र भेजकर इस असामान्य स्थिति पर चिंता जताई।

उत्तराखंड के CEO वी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने तुरंत ही ईमेल के ज़रिए मैखुरी को पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी। उन्होंने बताया कि संदेश में उल्लिखित रेफरेंस आईडी उत्तराखंड से नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की ‘सिकंदराबाद’ विधानसभा सीट से जुड़ी हुई है। वहाँ एक आवेदक ने फॉर्म भरते समय गलती से अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर दिया, जो इत्तेफाक से इंद्रेश मैखुरी का नंबर था। इसी कारण चुनाव आयोग के ऑटोमेटेड सिस्टम ने बीएलओ आवंटन और आवेदन स्वीकार होने के अपडेट्स मैखुरी के मोबाइल पर भेज दिए।

CEO ने आश्वस्त किया कि मैखुरी का नाम उत्तराखंड की मतदाता सूची में पूरी तरह सुरक्षित है और किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं हुई है। फिर भी, मैखुरी को उसी दिन और अगले दिन भी ऐसे संदेश आते रहे, जिसमें बताया गया कि उनकी “फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट” जमा कर दी गयी है। इस बार भी मैखुरी ने चुनाव आयोग से स्पष्टता माँगी और अपनी चिंताओं को दोहराया।

यह घटना उन कई मामलों में से एक है जहाँ बिना आवेदन के ही मतदाता विवरण बदल दिए गए, जिससे नागरिकों में मताधिकार से जुड़े भय पैदा हो रहे हैं। CEO के स्पष्टीकरण के बावजूद, मैखुरी के मन में चुनाव आयोग के अति‑केंद्रीकृत सिस्टम पर सवाल बने हुए हैं। इस विवाद ने चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और संचार की आवश्यकता को फिर से सामने लाया है।

Original Title: बिना अर्जी मैसेज आने पर CEO ने दी सफाई, कहा- गलत नंबर की वजह से UP का मैसेज पहुंचा उत्तराखंड

Original Content: भाकपा माले के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी के फोन पर बिना किसी आवेदन यानी बिना फॉर्म-8 भरे के उनके वोटर लिस्ट के ब्योरे सुधार से जुड़े मैसेज आने के मामले पर उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने हालांकि तुरंत रुख साफ किया और दावा किया है कि यह किसी साजिश का हिस्सा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के एक आवेदक द्वारा फॉर्म में गलत मोबाइल नंबर दर्ज किए जाने की वजह से हुई तकनीकी चूक है। उत्तराखंड में वामपंथी नेता के मतदाता रिकॉर्ड से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। लेकिन सीईओ के आश्वासन के बावजूद इंद्रेश मैखुरी को चुनाव आयोग से मैसेज आ ही रहे है। गौरतलब है कि उप्र में ऐसे बहुत से मामले सामने आए हैं जहां लोगों के ब्योरे बिना अर्जी के ही इतने मूर्खतापूर्ण ढंग से बदल दिए गए कि वे वोट करने लायक ही नहीं रहे। मैखुरी का कहना है कि उन्हें मैसेज सीईओ उत्तराखंड या उप्र से या स्थानीय बीएलओ से नहीं आया यानी चुनाव आयोग ने अपना पूरा सिस्टम इतना केंद्रीकृत कर लिया है कि ब्योरे में सुधार की अर्जी मिलने का मैसेज भी भारत निर्वाचन आयोग से आ रहा है। अब यह साफ है कि वोटर से जुड़े जो छोेटे-मोटे काम बीएलओ या स्थानीय स्तर पर होते थे वे भी अब भारत निर्वाचन आयोग ने अपने हाथ में ले लिए हैं।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।