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बरेली में रेखा आर्या के फार्म हाउस पर BDA की तलवार: नक्शा अनुमोदित नहीं, 210 करोड़ के दावों के बीच जांच का नया मोड़

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के व्यक्तिगत और राजनीतिक विवादों के बीच, उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित एक आलीशान फार्म हाउस का मामला अब बीडीए (बरेली विकास प्राधिकरण) की कड़ी निगरानी में आ गया है। प्रशासनिक स्रोतों और प्राधिकरण की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि लालपुर गांव, इज्जतनगर क्षेत्र में स्थित इस विशाल परिसर का निर्माण नक्शा कभी भी अनुमोदित नहीं हुआ है। बीडीए ने अब निर्माण की कानूनी वैधता और जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी है। यह विकास प्राधिकरण के लिए एक संवेदनशील मामला बन गया है, क्योंकि जांच के नतीजों पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई का दायरा तय होगा।

बीडीए की जानकारी के अनुसार, करीब 12,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस परिसर में तीन मंजिला कोठी, एक गेस्ट हाउस और स्वीमिंग पूल समेत कई भव्य निर्माण कार्य किए गए हैं। हालांकि, नियमों के अनुसार इस परिसर के लिए ‘कंपाउंडिंग’ (निर्माण की औपचारिक स्वीकृति) का प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाई है। सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2024 में पप्पू गिरधारी के करीबी सत्येंद्र राठौर की ओर से कंपाउंडिंग के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन निर्धारित शुल्क जमा न होने के कारण प्रक्रिया अटकी रही। इसके बाद, बीडीए के सचिव हिमांशु गुप्ता ने बताया कि जनवरी 2026 और सितंबर 2026 में आवेदक को कमियां दूर करने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। संबंधित पक्ष ने तीन महीने का समय भी मांगा था, लेकिन तय अवधि के अंत तक भी जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं देखा गया, जिससे प्राधिकरण ने मामले की जांच जारी रखी है।

संपत्ति के स्वामित्व की पड़ताल में भी कुछ रोचक तथ्य सामने आए हैं। बीडीए के रिकॉर्ड के मुताबिक, फार्म हाउस परिसर की जमीन अलग-अलग गाटा संख्याओं में दर्ज है। इनमें से लगभग 3,300 वर्ग मीटर क्षेत्रफल की जमीन सीधे तौर पर रेखा आर्या के नाम पर दर्ज है, जबकि परिसर के शेष हिस्सों की जमीन ‘कृष्णा वैष्णवी इंटरप्राइजेज’ के नाम पर बताई गई है। प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी अजीत सिंह ने भी इस बात की पुष्टि की है कि फार्म हाउस का नक्शा अनुमोदित नहीं है और वे जमीन के मालिकाना हक तथा निर्माण की वैधता से जुड़े सभी अभिलेखों की कड़ी जांच कर रहे हैं।

यह पूरा मामला तब चर्चा का केंद्र बना जब रेखा आर्या और बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू के बीच कानूनी और व्यक्तिगत विवाद छिड़ा। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं; रेखा आर्या ने अपने पति पर धोखाधड़ी, शारीरिक उत्पीड़न और मारपीट के आरोप लगाए हैं, जबकि गिरधारी लाल साहू ने इन सब को खारिज करते हुए मंत्री पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्या की कथित संपत्ति को लेकर करीब 210 करोड़ रुपये का भी दावा खड़ा किया है, हालांकि इस राशि की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से अभी तक नहीं हो पाई है। फिलहाल, बीडीए का रुख स्पष्ट है कि वे केवल नियमों और रिकॉर्ड के आधार पर ही आगे बढ़ेंगे। अब सभी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या सामने आता है और संबंधित पक्ष अंकुरित कमियों को कब तक दूर करने में सक्षम साबित होते हैं।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।

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