उत्तराखंड सरकार ने राज्य के राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों (RNV) को “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” (CoE) के रूप में पुनर्संरचना करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना का खाका तैयार किया। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित एक विशेष बैठक में इन विद्यालयों के सम्पूर्ण कायाकल्प की आवश्यकता पर बल दिया, यह कहते हुए कि इन्हें विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिये उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षणिक केंद्र और आधुनिक आवासीय संस्थान बनाना चाहिए। इस दिशा में, विद्यालयों को केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही नहीं, बल्कि खेल‑कूद, सांस्कृतिक एवं विभिन्न पाठ्येतर गतिविधियों के माध्यम से भी संपूर्ण विकास की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे छात्र निःशुल्क सभी आवश्यक सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
कायाकल्प के मुख्य बिंदुओं में विद्यालयों के संचालन को सामाजिक संस्थाओं (सॉसाइटी) के माध्यम से करवाना प्रमुख है। मुख्य सचिव ने राज्य स्तर पर मुख्य सचिव के अध्यक्षता में एक शासी निकाय और प्रत्येक जिले में जिलाधिकारियों के अध्यक्षता में एक समिति का गठन करने का निर्देश दिया। साथ ही, सरकारी आवासीय विद्यालयों के संचालन के लिये एक स्पष्ट कानूनी ढाँचा तैयार किया जाना चाहिए, जिससे उत्तरदायित्व निर्धारण, प्रभावी संचालन और नियमित निगरानी सुनिश्चित हो सके।
शिक्षक और प्रधानाचार्य नियुक्ति के संदर्भ में, मुख्य सचिव ने स्थायी प्रधानाचार्यों तथा समर्पित, योग्य शिक्षकों की व्यवस्था को अनिवार्य बताया। वे चाहते हैं कि शिक्षकों की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता के साथ-साथ उच्च शिक्षा और शोध अनुभव को प्राथमिकता दी जाये। अस्थायी या वैकल्पिक व्यवस्था को तब तक लागू किया जाएगा जब तक स्थायी नियुक्तियां पूर्ण न हो जाएँ, और इस दौरान शैक्षणिक कार्य में कोई बाधा न आए। प्रवेश प्रक्रिया को भी सख्ती से नियोजित किया जाएगा, जिससे नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से कम से कम एक माह पहले सभी छात्रों का प्रवेश सुनिश्चित हो सके।
विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, मुख्य सचिव ने आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं के लिये एम्बुलेंस सहित आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता का आदेश दिया। प्रस्तावित बजट को सुविधाओं, कार्मिकों और संचालन संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप निर्धारित किया जाएगा। अंत में, शिक्षकों की नियुक्ति के लिये एक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक चयन प्रक्रिया अपनाने, तथा जिला स्तर पर अस्थायी प्रबंधों के लिये जिलाधिकारियों को अधिकार प्रदान करने की बात कही गई, जिससे शिक्षा प्रणाली में निरंतरता और गुणवत्ता बनी रहे।
Original Title: उत्तराखंड के राजीव नवोदय विद्यालयों का होगा कायाकल्प, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी
Original Content: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के रूप में विकसित करने के लिए इनकी सम्पूर्ण कायाकल्प की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केंद्र और बेहतर आवासीय सुविधायुक्त संस्थानों के रूप में विकसित किया जाए।
सोसाइटी के माध्यम से संचालित किए जाएं राजीव नवोदय विद्यालयः CS
मुख्य सचिव ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का संचालन सोसाइटी के माध्यम से कराए जाने पर जोर दिया। कहा कि इसके लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शासी निकाय एवं जिला स्तर पर जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में समिति के गठन की व्यवस्था की जाए। उन्होंने सरकारी आवासीय विद्यालयों के संचालन के लिए एक लीगल फ्रेमवर्क तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यालयों के प्रभावी संचालन, उत्तरदायित्व निर्धारण और नियमित निगरानी में सहायता मिल सके।
स्थायी प्रधानाचार्यों और समर्पित शिक्षकों की व्यवस्था हो सुनिश्चित
सीएस ने विद्यालयों में नियमित और समर्पित शिक्षकों की नियुक्ति के साथ ही, स्थायी प्रधानाचार्यों की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता के अनुरूप योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों की उपलब्धता होनी चाहिए। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निर्धारित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अर्हताओं के साथ उच्च शिक्षा और शोध की पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी होने तक शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक एवं अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विद्यालयों के कार्मिक ढांचे को भी आवश्यकता के अनुरूप मजबूत किया जाए।
प्रवेश प्रक्रिया नया सत्र प्रारम्भ होने से एक माह पूर्व हो जाए पूर्ण: CS
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया का समयबद्ध निर्धारण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया ऐसी हो कि नए शैक्षणिक सत्र के आरंभ होने से कम से कम एक माह पहले विद्यार्थियों के प्रवेश सुनिश्चित कर लिए जाएं। सीएस ने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा अन्य पाठ्य-सहगामी एवं पाठ्येतर गतिविधियों के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी आवश्यक शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों को सभी आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
चिकित्सा सुविधा के लिए वाहन सहित आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित हों
मुख्य सचिव ने विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए वाहन की व्यवस्था सहित अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, विद्यालयों के लिए आवश्यक बजट का निर्धारण भी प्रस्तावित सुविधाओं, कार्मिकों और संचालन संबंधी जरूरतों के अनुरूप किया जाए।
शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए
मुख्य सचिव ने शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक चयन प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि स्थायी भर्ती होने तक शिक्षण व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर वैकल्पिक प्रबन्ध किए जाएं। उन्होंने इस सम्बन्ध में जिलाधिकारियों को आवश्यकतानुसार शिक्षकों की अस्थायी व्यवस्था करने हेतु अधिकृत किए जाने के भी निर्देश दिए।
