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उत्तराखंड की राजनीति में तूफान: पप्पू गिरधारी का पीएम आवास पर धरने का ऐलान, SIT की बरेली में गुप्त रेड

उत्तराखंड की राजनीतिक गलियारों में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति, पूर्व विधायक गिरधारी लाल साहू (जिन्हें पप्पू गिरधारी के रूप में जाना जाता है) के बीच का विवाद अब एक नए और बेहद अस्थिर मोड़ पर आ गया है। पत्नी द्वारा गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने के बाद से फरार चल रहे पप्पू गिरधारी ने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक वीडियो जारी करके पुलिस और प्रशासन को चुनौती दी है। वह खुद को ‘कट्टर भाजपाई’ बताने के साथ ही आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। अपनी बगावती अदाएं अपनाते हुए उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के दरवाजे तक दस्तक देने की चेतावनी दे दी है। वीडियो में उन्होंने कहा, “पीएम आवास पर धरने पर बैठूंगा, बाबा वनखंडीनाथ नहीं करेंगे माफ,” जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।

पप्पू गिरधारी ने अपने वीडियो में अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए दावा किया कि वह 1995 से 2000 तक विधायक रह चुके हैं और 2000 में महापौर के चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने अपनी बेगुनाहगी पर जोर देते हुए कहा, “मैंने कोई जुर्म नहीं किया है, कोई भ्रष्टाचार नहीं किया। यदि मैं दोषी साबित होऊं, तो मुझे थाने बुलाकर जेल भेज दिया जाए, अन्यथा झूठी तहरीर देने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।” उन्होंने अपनी पत्नी रेखा आर्य को इशारों में नसीहत देते हुए भी कहा कि 25 साल के संयुग के बाद जो आचरण किया जा रहा है, वह ठीक नहीं है और बाबा वनखंडीनाथ उन्हें इसका पलट जरूर देंगे। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री आवास पर उनकी गुहार नहीं सुनी गई, तो वह दिल्ली में पीएम आवास के सामने धरना देंगे और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

इससे पहले, देहरादून पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच को गति दी है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों से जुड़े इस मामले की जांच के लिए SIT की टीम बिना किसी तामझाम के सादे कपड़ों में सीधे बरेली पहुंची, जहां स्थानीय पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लगी। सूत्रों के अनुसार, टीम ने बरेली में कुछ वकीलों और जानकारों से मुलाकात कर पप्पू गिरधारी के खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमों का पूरा लेखा-जोखा खंगाला है। SIT का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि यह विवाद बाहर कैसे आया और वह सनसनीखेज ऑडियो, जिसमें 25 लाख रुपये के लेन-देन और ‘रिंकू’ नाम के शख्स का जिक्र है, किसने लीक किया है। हालांकि, SIT और बरेली पुलिस के बीच तालमेल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि बरेली के अधिकारियों का दावा है कि SIT ने उनसे कोई आधिकारिक संपर्क नहीं किया है।

पुलिस रिकॉर्ड की जांच से पप्पू गिरधारी का एक चिंताजनक अपराधी इतिहास सामने आया है। जोगी नवादा निवासी पप्पू पर कुल 39 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से पहला 1990 में चर्चित ‘जैन दंपति हत्याकांड’ में दर्ज हुआ था। इसके बाद हत्या, हत्या के प्रयास और गैंग्सटर एक्ट जैसे गंभीर मामलों में उनका नाम जुड़ा रहा। हालांकि, पिछले 12 वर्षों से नए मामलों में संलिप्तता न होने के कारण उनकी हिस्ट्रीशीट निगरानी बंद थी, लेकिन अब नए मुकदमे के बाद बरेली पुलिस फिर से उनकी निगरानी शुरू कर सकती है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से पप्पू अपना फोन बंद करके भूमिगत हो गए हैं, और देहरादून पुलिस की टीमें उन्हें ढूंढने में असफल रही हैं।

अब सभी की निगाहें इस घटनाक्रम के अगले पड़ाव पर टिकी हैं। एक तरफ कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य कानूनी और प्रशासनिक मोर्चे पर डटी हैं, तो दूसरी तरफ उनके पति की धमकियों ने इस पारिवारिक विवाद को राजनीतिक ड्रामे में बदल दिया है। क्या SIT वायरल ऑडियो और गुप्त ठिकानों के आधार पर इस मामले की सच्चाई उजागर कर पाएगी? या फिर पप्पू गिरधारी वाकई दिल्ली में पीएम आवास के सामने धरना देने की अपनी धमकी अमल में लाएंगे? यह देखना होगा कि कानून की मजबूत हथकड़ी और राजनीतिक दबावों के बीच यह विवाद किस दिशा में मोड़ लेता है।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।