मसूरी‑देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने आज सुबह देहरादून के धर्मपुर और कॉवली क्षेत्रों में अवैध बहुमंजिला निर्माण पर सख्त कदम उठाया। प्राधिकरण की विशेष कार्यदल ने दोनों स्थानों पर बिना अनुमति के चल रहे निर्माण कार्यों को तुरंत सील कर दिया, जिससे निर्माणाधीन इमारतों को फटाफट ध्वस्त करने के लिए आदेश जारी किया गया।
इसी दौरान, सेलाकुई में लगभग 20 बीघा क्षेत्र में हो रही अवैध प्लॉटिंग पर भी MDDA ने नज़र रखी। स्थानीय अधिकारियों ने पाया कि इस भूखंड पर बिना लाइसेंस के बड़े पैमाने पर प्लॉटिंग हो रही है, जिससे भूमि का अनुचित विभाजन और पर्यावरणीय क्षति की सम्भावना है। प्राधिकरण ने इस क्षेत्र में भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और संबंधित पक्षों को ज़रूरी दस्तावेज़ीकरण के बिना किसी भी तरह की प्लॉटिंग रोकने का निर्देश दिया है।
MDDA के अध्यक्ष ने कहा, “हमारा मुख्य लक्ष्य है कि देहरादून के सभी इलाकों में शहरी विकास योजनाओं के अनुरूप निर्माण और प्लॉटिंग सुनिश्चित की जाए। अवैध गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखकर हम नागरिकों के हितों की रक्षा करते हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह की कार्रवाइयों से शहरी योजनाओं के उल्लंघन को रोका जा सकेगा और भविष्य में इसी तरह की घटनाओं से बचा जा सकेगा।
देहरादून के नागरिकों ने इस कदम को सराहा और कहा कि अब शहर में अवैध निर्माण पर नियंत्रण बढ़ने से सड़कें, पानी और बिजली जैसी सुविधाएँ बेहतर ढंग से उपलब्ध होंगी। स्थानीय वकील ने बताया कि अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर कड़ी कार्रवाई से शहरी योजनाओं के नियमों का पालन सुनिश्चित होगा और भविष्य में शहर की अवसंरचना में सुधार के लिए एक मजबूत आधार तैयार होगा।
MDDA की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने देहरादून के शहरी विकास में एक नया अध्याय लिखा है, जहाँ अवैध निर्माण पर रोक लगाकर शहर को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
Original Title: MDDA की ताबड़तोड़ कार्रवाई! दो जगह निर्माण सील, सेलाकुई में 20 बीघा प्लॉटिंग ध्वस्त
Original Content: Uttarakhand | MDDA | Dehradun | Illegal Construction | Illegal Plotting : मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की है। प्राधिकरण की टीम ने धर्मपुर और कॉवली में दो स्थानों पर अवैध बहुमंजिला निर्माण सील किए…जबकि सेलाकुई में करीब 20 बीघा जमीन पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को […] Source
