उत्तरी भारत के उत्तराकांट के स्वास्थ्य और आयुर्वेद मंत्री, मदन कौशिक ने शुक्रवार को विधानसभा भवन के अपने कार्यालय में विभागीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में चल रही आयुर्वेद, योग एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा (आयुष) योजनाओं की प्रगति का आकलन करना और नए अस्पतालों के निर्माण कार्यों की समय-सारणी पर चर्चा करना था।
बैठक में मंत्री ने टंकिनपुर में ‘आयुष मिशन योजना’ के तहत चल रहे 50‑बिस्तर वाले आयुष अस्पताल के कार्य की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस अस्पताल का निर्माण कार्य 80 % तक पूरा हो चुका है। इसी के साथ, पौड़ी जिले के कोटद्वार में 50‑बिस्तर वाले आयुष अस्पताल का निर्माण कार्य 65 % पर पहुँच चुका है। पिरान कलियर (हरिद्वार) में 50‑बिस्तर वाले यूनानी अस्पताल की स्थापना का प्रस्ताव भी चर्चा में आया, और मंत्री ने इसके कार्यान्वयन को तेज़ी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
अन्य स्थानों पर भी प्रगति के बारे में बताया गया: दिनापुर पथरी में 10‑बिस्तर वाले आयुष अस्पताल का निर्माण पूर्ण हो चुका है; भीमताल में 10‑बिस्तर वाले आयुष अस्पताल का 90 % कार्य पूरा हो चुका है। टिहरी के जाखणीधार में 50‑बिस्तर वाले आयुष अस्पताल के लिए ज़मीन चयन की प्रक्रिया को तुरंत पूरा कर निर्माण कार्य प्रारम्भ करने की माँग भी की गई।
मंत्र ने अस्पतालों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करने का भी निर्देश दिया, ताकि डॉक्टरों और चिकित्सा स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित कर जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें। बैठक के दौरान आयुर्वेद विभाग के निदेशक डॉ. आर.पी. सिंह, होम्योपैथिक निदेशक जे.एल. फिरमाल, संयुक्त निदेशक डॉ. मिथिलेश कुमार, संयुक्त निदेशक एम.एस. गुंज्याल और एडीसी आलोक कुमार समेत कई अन्य अधिकारियों की उपस्थिति रही।
इस समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट हुआ कि राज्य सरकार आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता में सुधार के लिए सक्रिय कदम उठा रही है, ताकि उत्तराकांट के नागरिकों को समय पर और सुलभ चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके।
Original Title: आयुष मंत्री मदन कौशिक ने ली समीक्षा बैठक, अस्पतालों के निर्माण कार्य तेजी से पूरे करने के दिए निर्देश
Original Content: प्रदेश के आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने शुक्रवार को विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में विभागीय अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में उन्होंने राज्य में चल रही आयुष विभाग की अलग-अलग योजनाओं और बन रहे नए अस्पतालों के निर्माण कार्यों का जायजा लिया।
बैठक में मंत्री मदन कौशिक ने राज्य और केंद्र सरकार की मदद से बन रहे राजकीय आयुष चिकित्सालयों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि टनकपुर में ‘आयुष मिशन योजना’ के तहत बन रहे 50 बिस्तरों वाले आयुष अस्पताल का काम 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। वहीं, पौड़ी जिले के कोटद्वार में बन रहे 50 बिस्तरों वाले अस्पताल का निर्माण कार्य भी 65 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।
पिरान कलियर में 50 बिस्तरों वाले यूनानी अस्पताल का निर्माण प्रस्तावित
आयुष मंत्री ने बताया कि हरिद्वार के पिरान कलियर में 50 बिस्तरों वाले यूनानी अस्पताल का निर्माण प्रस्तावित है। इस अस्पताल के काम को जल्द से जल्द आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अधिकारियों को तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अस्पतालों की स्थिति साझा करते हुए मंत्री ने बताया कि दिनापुर पथरी में 10 बिस्तरों वाले आयुष अस्पताल का निर्माण कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है। इसके अलावा भीमताल में बन रहे 10 बिस्तरों के आयुष अस्पताल का 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। टिहरी के जाखणीधार में 50 बिस्तरों वाले आयुष अस्पताल के लिए जमीन के चयन की प्रक्रिया को तुरंत पूरा कर निर्माण कार्य शुरू करने की ताकीद की गई है।
अस्पतालों में खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री कौशिक ने प्रदेशभर के आयुष केंद्रों में दवाइयों, जरूरी डॉक्टरी सामानों और डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ की मौजूदगी का भी ब्योरा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के आयुष अस्पतालों में खाली पड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कर सभी सीटें भरी जाएं, ताकि जनता को बेहतर इलाज मिल सके।
इस समीक्षा बैठक में आयुर्वेद विभाग के निदेशक डॉ. आर.पी. सिंह, होम्योपैथिक निदेशक जे.एल. फिरमाल, संयुक्त निदेशक डॉ. मिथिलेश कुमार, संयुक्त निदेशक एम.एस. गुंज्याल और एडीसी आलोक कुमार समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
Khabar Uttarakhand – Uttarakhand News
