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सोमवार को देहरादून की सड़कों पर माहौल गहरा गया जब लाखों लोगों के नामों को मतदाता सूची से हटाए जाने के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। गांधी पार्क से शुरू होकर सचिवालय तक मार्च करने वाले सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सरकार और निर्वाचन आयोग पर नारे बमबारी की। इस दौरान पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग की, जिससे जुलूस को रोका गया और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की व तीखी झड़पें शुरू हो गईं। पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर बसों में बैठाकर हिरासत में ले लिया, जबकि वे मुख्य निर्वाचन अधिकारी को अपना मांग पत्र (ज्ञापन) भी नहीं सौंप सके।
यह प्रदर्शन ‘उत्तराखंड इंसानियत मंच’ और ‘उत्तराखंड महिला मंच’ की अगुवाई में हुआ, जिसमें छात्र नौजवान सभा, स्त्री मुक्ति लीग, जनवादी महिला संगठन, SFI, AIDSO, इप्टा और BGVS जैसे दर्जनों जन-संगठनों के प्रतिनिधि और आम नागरिक शामिल थे। साथ ही कई राजनीतिक दलों के नेता भी जुलूस में शामिल हुए।
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने तख्तियाँ और बैनर लेकर शांतिपूर्वक आगे बढ़े, परंतु सचिवालय के पास पहुँचते ही पुलिस ने उन्हें रोका। जिद पर ज़ोर देते हुए, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ हाथापाई शुरू की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें बसों में भरकर हिरासत में लिया। इस कार्रवाई में कमला पंत, निर्मला बिष्ट और पर्यावरणविद् डॉ. रवि चोपड़ा सहित कई प्रमुख हस्तियों को गिरफ्तार किया गया।
प्रदर्शकों का मुख्य आरोप है कि ‘प्री‑SIR’ और ‘SIR’ प्रक्रिया के दौरान 13.95 लाख नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए, जबकि केवल सवा लाख नए नाम जोड़े गए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हटाने से पहले संबंधित नागरिकों से कोई संपर्क हुआ और उन्हें अपनी पहचान साबित करने का मौका मिला।
मुख्य मांगों में वर्ष 2026 की SIR प्रक्रिया को रद्द करना, 2024 की लोकसभा चुनाव सूची को आधार बनाना, हटाए गए नामों को तुरंत बहाल करना, नाम हटाने की प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराना, बूथ‑स्तरीय शिकायत निवारण शिविर आयोजित करना और पूरी मतदाता सूची का स्वतंत्र ऑडिट कराना शामिल है।
प्रदर्शकों ने चेतावनी दी कि जब तक निर्वाचन आयोग और प्रशासन पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं अपनाता, तब तक देहरादून और पूरे उत्तराखंड में यह आंदोलन तेज़ होता रहेगा।
**Original Title: ** SIR पर दून में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी भिड़ंत, बिना ज्ञापन दिए कई को हिरासत में लिया
**Original Content: ** देहरादून की सड़कों पर सोमवार को उस समय माहौल काफी गर्मा गया, जब मतदाता सूची से लाखों लोगों के नाम हटाए जाने के विरोध में उग्र प्रदर्शन हुआ…
