उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन हब नैनीताल में तीन दिवसीय वीकेंड का असर खूब दिखा, जहाँ नैनीताल, भीमताल और कैंची धाम समेत जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। केवल बीते शुक्रवार को ही जिले में करीब एक लाख पर्यटकों के पहुंचने की जानकारी मिली है, जिससे यातायात पर अत्यंत दबाव पड़ा। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला पुलिस प्रशासन ने कड़ी नजर बनाए रखी है। विशेष रूप से, जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (SSP) मंजूनाथ टीसी ने खुद मैदान में उतरकर यातायात व्यवस्था का प्रत्यक्ष जायजा लिया, ताकि पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अपनी निरीक्षण यात्रा के दौरान SSP मंजूनाथ टीसी ने अपने अधीनस्थ अधिकारी की मोटरसाइकिल (बुलेट) पर सवार होकर काठगोदाम से भीमताल तिराहे तक का सफर पूरा किया। इस दौरान उन्होंने सड़कों पर वाहनों के दबाव और पुलिस बलों की तैनाती का कड़ा निरीक्षण किया। अधिकारी ने मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को कड़े निर्देश दिए कि वे किसी भी कीमत पर पर्यटकों की सुरक्षित और सुगम वापसी सुनिश्चित करें। इस हरकत ने पुलिस प्रशासन की भूमिका को स्पष्ट किया कि वीकेंड की भीड़ का प्रबंधन केवल थ्योरी में नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष निगरानी के जरिए किया जा रहा है।
वापसी की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए SSP ने एक विशेष ट्रैफिक प्लान को लागू करने का निर्देश दिया है। चूंकि शनिवार की देर शाम से लेकर रविवार तक पर्यटकों की वापसी की संभावना सबसे अधिक है, इसलिए इस अरसा में यातायात व्यवस्था को ‘चाक-चौबंद’ रखने के लिए विशेष व्यवस्थाएं बनाई गई हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नैनीताल और भीमताल से आने वाले वाहनों को प्राथमिकता के साथ एग्जिट (exit) दिया जा रहा है। इसके तहत, आज शाम 5:30 बजे से रात 8 बजे तक और रविवार को शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक विशेष एग्जिट विंडो की गई है, जिससे जाम की स्थिति को समायोजित किया जा सके।
इसके अलावा, प्रवेश प्रक्रिया को भी व्यवस्थित करने के लिए अलग से मार्ग निर्धारित किए गए हैं। नैनीताल और भीमताल की ओर जाने वाले पर्यटकों को फतेहपुर से होकर पटवाडांगर और कालाढूंगी मार्ग के जरिए भेजने की व्यवस्था की गई है। बढ़ती वाहन संख्या और सड़कों पर पड़ते दबाव को दूर करने के लिए पुलिस ने शटल सेवाओं को भी संचालित रखा है। इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य निजी वाहनों की संख्या को कम करना और पर्यटकों को प्रमुख पर्यटन स्थलों तक समय पर पहुंचाना है, ताकि वीकेंड की यात्रा में कोई असुविधा न हो।
