📅 Monday, 05 October 2026 ⛅ 24°C नैनीताल / देहरादून 📈 SENSEX +420.5 (82,140)
Ad Space (728x90) - Appearance > Customize > Ad Placements
⚡ ब्रेकिंग न्यूज़
होम » खबरनामा » बनबसा में कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक: 24 प्रस्तावों पर मंजूरी, युवाओं को 200 करोड़ का स्किल मिशन और डॉक्टरों के लिए बड़ा राहत पैकेज

बनबसा में कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक: 24 प्रस्तावों पर मंजूरी, युवाओं को 200 करोड़ का स्किल मिशन और डॉक्टरों के लिए बड़ा राहत पैकेज

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के पास स्थित बनबसा में हुई राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक ने शनिवार को एक नया अध्याय लिखा है, जहां कुल 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर एकमुश्त मुहर लगाई गई। इस बैठक ने न केवल राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा तय की है, बल्कि युवा प्रजन, स्वास्थ्य सेवाओं और निजी शिक्षा संस्थानों के लिए कई क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। मुख्य अतिथि मंडल के सामने पेश किए गए इन फैसलों में सबसे बड़ा नोटिस युवाओं की स्किल डेवलपमेंट के लिए 200 करोड़ रुपये की विशेष योजना की मंजूरी रहा है। इस योजना के तहत, प्रत्येक सेमेस्टर में छह क्रेडिट वाले कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नवीनतम तकनीकें और वर्तमान रोजगार बाजार की मांगों को ध्यान में रखते हुए अन्य आवश्यक कौशल शामिल किए जाएंगे। यह कदम राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का एक रणनीतिक प्रयास है।

स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भी कैबिनेट ने एक राहत भरा फैसला लिया है, जिसके तहत डॉक्टरों के स्टिपेंड में वृद्धि की गई है। यह निर्णय स्वास्थ्य प्रणाली के बेहतरीन प्रदर्शन और डॉक्टरों के प्रोत्साहन के लिए एक सकारात्मक संदेश देता है। साथ ही, पहाड़ी क्षेत्रों के कुक्कुट पालकों के लिए भी एक विशेष सब्सिडी स्कीप को मंजूरी दी गई है, जिसके लाभ डीबीटी (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर) के माध्यम से संबंधित लाभार्थियों के वेलफेयर अकाउंट्स में सीधे जमा किए जाएंगे। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसी कड़ी में, पशुपालन, मत्स्य पालन और डेयरी विकास विभागों के बेहतर समन्वय के लिए डायरेक्टर जनरल के पद को अपग्रेड करने की भी मान्यता दी गई है, जिससे इन तीनों विभागों की कार्रवाई अधिक प्रभावी होगी।

निजी शिक्षा संस्थानों के लिए नियमों में किए गए बदलाव भी इस बैठक की गिनती में शामिल हैं, जिनसे निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना का मार्ग और अधिक सुगम हो गया है। पहले विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए 10 एकड़ जमीन का अनिवार्य मानक था, जिसे अब 20,000 वर्ग मीटर तक कम किया गया है। इसके अलावा, 5 करोड़ रुपये के गारंटी फंड की शर्त को भी समाप्त कर दिया गया है, जिससे निजी क्षेत्र द्वारा शिक्षा प्रबंधन में निवेश करने के दरवाजे खुल जाएंगे। इसी के साथ, टीडीसी (टींडिंग डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) को 66 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देकर राज्य के विकास कार्यों को गति प्रदान करने का फैसला लिया गया है।

शासनिक अनुशासन और पारदर्शिता के लिए भी कैबिनेट ने कड़े नियमों को हरी झंडी दिखाई है। कर्मचारी आचरण नियमों में किए गए संशोधन के तहत, समूह क, ख और ग के सभी विभागीय कर्मचारियों को अब हर साल एक बार अपनी संपत्ति का विवरण दर्ज करना होगा। यह कदम भ्रष्टाचार को रोकने और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, टिहरी के नरेंद्र नगर में सब रजिस्ट्रार कार्यालय खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी देकर स्थानीय नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच को और सार्थक बनाया गया है। इन सभी फैसलों से स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार ने विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और अनुशादन की दिशा में एक संतुलित और व्यापक दृष्टिकोप अपनाया है।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।