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पीडब्लूडी दफ्तरों में अब प्रवेश भी कठिन, सुरक्षा में बड़ती सख्ती

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गृह विभाग की नवीनतम सिफारिशों और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के मद्देनजर, सचिव लोनिवि पंकज कुमार पांडेय ने 30 सितंबर को जारी आदेश के तहत पीडब्लूडी (पीड़ित वकील) दफ्तरों में सुरक्षा और अनुशासन को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने का निर्णय लिया है। अब केवल मुखर होकर दफ्तर में जाना ही पर्याप्त नहीं रहेगा; सभी आने-जाने वालों—सामान्य जनता से लेकर अधिकारियों तक—को कड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

सबसे प्रमुख बदलावों में से एक है “बिना वैध पहचान पत्र के प्रवेश नहीं” का प्रावधान। हर दफ्तर के मुख्य द्वार पर एक ‘विजिटर रजिस्टर’ या इलेक्ट्रॉनिक ‘विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम’ लगाया जाएगा, जिसमें आने वाले का नाम, पता, मोबाइल नंबर, आगमन व प्रस्थान का समय और मिलने वाले अधिकारी का नाम दर्ज किया जाएगा। इस व्यवस्था से दफ्तरों में अनियंत्रित प्रवेश को रोका जा सकेगा और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को अंदर जाने से रोका जा सकेगा।

इसके अलावा, दफ्तर परिसर में किसी भी तरह के शोर-शराबे, नारेबाजी, और नशे के सेवन को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। एक ही समय में किसी अधिकारी या कर्मचारी के कमरे में दो से अधिक बाहरी लोग प्रवेश नहीं कर सकेंगे। यदि कोई सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। हथियार, स्याही, ज्वलनशील पदार्थ और अन्य घातक वस्तुओं को साथ लाना भी मना है। दफ्तर के कार्यकाल समाप्त होने के बाद किसी भी बाहरी व्यक्ति का अंदर रहना या प्रवेश करना सख्त वर्जित है।

सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के लिए, दफ्तरों में पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरों की निगरानी होगी, जिनकी रिकॉर्डिंग क्षमता कम से कम 90 दिनों की होगी। मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे, और किसी भी आपात स्थिति में प्रमुख अधिकारी ‘पैनिक बटन’ के माध्यम से तुरंत अलर्ट भेज सकते हैं। साथ ही, हर दफ्तर में एक ‘नोडल अधिकारी’ नियुक्त किया जाएगा जो सुरक्षा नियमों के पालन की निगरानी करेगा और किसी भी गड़बड़ी या सुरक्षा उल्लंघन की रिपोर्ट तुरंत दर्ज करेगा।

इन कड़े कदमों के साथ, पीडब्लूडी दफ्तरों का माहौल अब शांत, सुरक्षित और व्यवस्थित रहेगा, ताकि नागरिकों को कानूनी सहायता प्राप्त करने में बिना किसी भय या असुविधा के सुविधा मिल सके।

**Original Title: ** अब पीडब्लूडी दफ्तरों पर प्रदर्शन ही नहीं, एंट्री भी होगी मुश्किल

**Original Content: ** अगर आप अपने इलाके की सड़क दूसरी की समस्याओं को लेकर पीडब्लूडी दफ्तर में प्रदर्शन करना चाहते है या, किसी काम के सिलसिले में पीडब्लूडी दफ्तर जाने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! अब सिर्फ मुंह उठाकर किसी भी पीडब्लूडी दफ्तर में चले जाना मुमकिन न होगा।

गृह विभाग की सिफारिशों और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के मद्देनजर सचिव लोनिवि पंकज कुमार पांडेय ने आदेश जारी किया है कि पीडब्लूडी दफ्तरों में आम जनता के साथ-साथ अफसरों को भी इन सख्त नियमों का पालन करना होगा। पीडब्लूडी के दफ्तरों में सुरक्षा और अनुशासन को लेकर ऐसे नियम लागू किए हैं, सुरक्षा व्यवस्था को इतना हाइटेक और सख्त करने की कोशिश की है कि आप दांतों तले उंगलियां दबा लेंगे।

बिना आईडी के नहीं मिलेगा दफ्तर में प्रवेश

30 सितंबर को जारी नए नियमों के मुताबिक, किसी भी बाहरी व्यक्ति को लोनिवि के दफ्तर में बिना किसी वैध पहचान पत्र के अंदर जाने की इजाजत नहीं होगी। हर दफ्तर के मेन गेट पर एक ‘विजिटर रजिस्टर’ या इलेक्ट्रॉनिक ‘विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम’ रखा जाएगा। जिसमें हर आने-जाने वाले का नाम, पता, मोबाइल नंबर, आने और जाने का समय और वह किस अफसर से मिलने आया है, ये सारी जानकारी दर्ज करना होगा।

हुड़दंग, नारेबाजी और नशेबाजी पर पूरी तरह बैन

दफ्तर के अंदर के माहौल को शांत और सुरक्षित बनाए रखने के लिए सख्त हिदायतें जारी की गई हैं। दफ्तर परिसर में किसी भी तरह के मादक पदार्थों का सेवन या लाना पूरी तरह से मना होगा। अब एक समय में किसी अफसर या कर्मचारी के कमरे में दो से ज्यादा बाहरी लोग दाखिल नहीं हो सकेंगे।

अगर किसी ने सरकारी काम में अड़चन डालने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। परिसर के भीतर किसी भी तरह की नारेबाजी, शोर-शराबा या अभद्र व्यवहार पर पाबंदी रहेगी। लाठी-डंडा, हथियार, स्याही, ज्वलनशील पदार्थ जैसी घातक चीजों को साथ ले जाने पर पाबंदी होगी। दफ्तर का समय खत्म होने के बाद किसी भी बाहरी व्यक्ति का अंदर रुकना या दाखिल होना मना होगा।

दफ्तरों में लगेंगे सीसीटीटीवी मेटल डिटेक्टर

दफ्तरों को महफूज बनाने के लिए अब आधुनिक गैजेट्स की मदद ली जाएगी। पूरा दफ्तर परिसर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेगा, जिनमें कम से कम 90 दिनों की रिकॉर्डिंग क्षमता होगी। मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे साथ ही किसी अनहोनी की आशंका होने पर बड़े अफसर ‘पैनिक बटन’ से तुरंत अलर्ट भेज सकते है।

नोडल अधिकारी रखेंगे पूरी नजर

सुरक्षा के इन सभी नियमों का ठीक से पालन हो रहा है कि नहीं, इसके लिए हर दफ्तर में एक ‘नोडल अधिकारी’ तैनात किया जाएगा। अगर परिसर में कोई भी गड़बड़ी या सुरक्षा में चूक होती है, तो उसकी तुरंत रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।

Khabar Uttarakhand – Uttarakhand News.

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।

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