उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने डीएवी पीजी कॉलेज में हालिया छात्रसंघ चुनाव से जुड़ी घटनाओं की समीक्षा के लिए एक समन्वय समिति की बैठक आयोजित की। बुधवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में यह बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता समिति के प्रमुख और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष वीरेंद्र पोखरियाल ने की। बैठक में चुनाव के दौरान रिपोर्ट किए गए विविध घटनाक्रम, मतगणना की प्रक्रिया और प्रशासन की भागीदारी को विस्तार से चर्चा किया गया।
पोखरियाल ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव युवा वर्ग को लोकतांत्रिक मूल्यों और मतदान के महत्व से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच है, इसलिए प्रक्रिया का निष्पक्ष, पारदर्शी और किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त होना अनिवार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार चुनाव के दौरान प्रशासन पर दबाव बनाने और परिणामों को प्रभावित करने के प्रयासों की सूचना मिली है, जिसे वे लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए गंभीर खतरा मानते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने भाजपा सरकार पर प्रशासनिक तंत्र का उपयोग करके चुनाव प्रक्रिया में हेरफेर करने का आरोप लगाया, यह संकेत देते हुए कि सत्ता, धनबल या प्रशासनिक दबाव के माध्यम से परिणाम बदलने की कोशिशें अस्वीकार्य हैं।
बैठक में मतगणना स्थल पर हुई अव्यवस्था पर भी प्रकाश डाला गया। पोखरियाल ने कहा कि मतदान के बाद परिणाम गिनती के दौरान भाजपा के छात्र संगठन एबीवीपी से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने ध्वस्त करने की कोशिश की, परन्तु प्रशासन से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने जोर दिया कि यदि किसी भी पक्ष ने चुनाव नियमों का उल्लंघन किया है तो पूरी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, तथा दोषी पाए जाने वाले पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
समन्वय समिति ने बताया कि वह इस प्रकरण के सभी पहलुओं का गहन अध्ययन कर रही है और वरिष्ठ अधिवक्ताओं से कानूनी राय ले रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देश मिलने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। पोखरियाल ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर विधान सभा तक उठाएगी, ताकि छात्रसंघ चुनाव की स्वच्छता और लोकतांत्रिक सिद्धांतों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
Original Title: डीएवी पीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव को लेकर कांग्रेस की बैठक, प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवाल
Original Content: डीएवी पीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के दौरान सामने आए घटनाक्रम और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से गठित समन्वय समिति की बैठक बुधवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष वीरेंद्र पोखरियाल ने की। बैठक में चुनाव के दौरान हुई घटनाओं, मतगणना प्रक्रिया और प्रशासन की भूमिका को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
कांग्रेस ने प्रशासन पर लगाए चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने के आरोप
बैठक में समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र पोखरियाल ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया का निष्पक्ष, पारदर्शी और किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त होना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएवी पीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव के दौरान प्रशासन पर दबाव बनाए जाने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास के आरोप सामने आए हैं, जो गंभीर विषय है।
पोखरियाल ने भाजपा सरकार पर प्रशासनिक तंत्र के कथित इस्तेमाल के जरिए चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ता के प्रभाव, धनबल या प्रशासनिक दबाव के माध्यम से चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए उचित नहीं है।
ABVP कार्यकर्ताओं ने की मतगणना स्थल पर अव्यवस्था उत्पन्न
उन्होंने मतगणना के दौरान सामने आए घटनाक्रम का भी जिक्र किया। पोखरियाल ने आरोप लगाया कि मतगणना स्थल पर भाजपा के छात्र संगठन एबीवीपी से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर अव्यवस्था उत्पन्न की गई, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोप हैं। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी पक्ष की ओर से नियमों का उल्लंघन हुआ है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
समन्वय समिति के अध्यक्ष ने बताया कि समिति पूरे मामले के सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही है। साथ ही इस प्रकरण में वरिष्ठ अधिवक्ताओं से कानूनी राय भी ली जा रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देश प्राप्त होने के बाद मामले में आगे की रणनीति तय की जाएगी। पोखरियाल ने कहा कि इस पूरे प्रकरण को कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी।
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